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Cyber Crime : सोशल मीडिया पर 'साइबर बुलिंग' का शिकार हो रहीं युवतियां, आगरा जोन में दो साल में आए 50 मामले

Mon, 18 Jul 2022 12:35 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

अगर कोई सोशल मीडिया पर किसी की निजी जानकारी या आपत्तिजनक फोटो शेयर करता है। उसे बिना सहमति से मैसेज भेजता है। इस तरह के मामले साइबर बुलिंग में आते हैं। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा में सोशल मीडिया पर महिलाओं और युवतियों को परेशान करने की घटनाएं आए दिन सामने आती हैं। उनकी निजी जानकारी और आपत्तिजनक फोटो को शेयर करके बदनाम किया जाता है। उन्हें बिना सहमति के व्हाट्सएप और मैसेंजर पर मैसेज भेजे जाते हैं। दोस्ती का झांसा दिया जाता है। 

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इस तरह के मामले साइबर बुलिंग में आते हैं। आगरा जोन की बात करें तो साइबर बुलिंग के थाने और साइबर सेल में दो साल में 50 से अधिक मामले ऑफलाइन और ऑनलाइन दर्ज किए जा चुके हैं। कुछ मामलों में पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर जेल भी भेज चुकी है।  

केस- 1: छात्र ने शिक्षिका को बदनाम किया

जनवरी 2021 में जगदीशपुरा इलाके की रहने वाली शिक्षिका को बदनाम किया गया। उनके मोबाइल पर अनजान लोगों के कॉल आते थे। वह अश्लील बात करते थे। पीड़िता ने पुलिस से शिकायत की। पता चला कि कालगर्ल बताकर उनका नंबर इंटरनेट मीडिया पर डाल दिया गया था। पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया। आरोपी उनका छात्र ही निकला था। उसे जेल भेजा गया था। 

केस- 2: पांच साल से युवक कर रहा परेशान

जगदीशपुरा की ही रहने वाली एक शिक्षिका को लखनऊ का युवक तकरीबन पांच साल से परेशान कर रहा है। उनके बारे में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी तक कर चुका है। उनको बदनाम भी करता है। पीड़िता की शिकायत पर जगदीशपुरा थाना में मुकदमा भी दर्ज किया गया। उसके खिलाफ जांच भी की जा रही है।

साइबर बुलिंग को लेकर पुलिस कर रही जागरूक 

साइबर सेल ऐसे मामलों को लेकर लोगों को जागरूक कर रही है। जोन साइबर सेल के मुताबिक, किसी व्यक्ति को मोबाइल फोन, कंप्यूटर आदि के इस्तेमाल से सोशल मीडिया या सीधे तौर पर आपत्तिजनक सामग्री फोटो, वीडियो, मैसेज, ईमेल आदि भेजना। 

किसी की निजी जानकारी को बिना उसकी अनुमति के सोशल मीडिया पर साझा करना, जिससे किसी व्यक्ति को सामाजिक, शारीरिक या मानसिक रूप से क्षति पहुंचे। यह साइबर बुलिंग या ऑनलाइन बुलिंग कहलाता है। इस तरह का अपराध महिलाओं के साथ होते हैं। ऐसे में पीड़ितों को पुलिस से शिकायत करनी चाहिए। पुलिस मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई कर सकती है।
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सतर्कता की है जरूरत

  • सोशल मीडिया प्लेटफार्म का न्यूनतम इस्तेमाल करना चाहिए।
  • सोशल मीडिया एकाउंट की प्रोफाइल को लॉक करके रखना चाहिए।
  • निजी जानकारी को साझा करने से बचना चाहिए या फिर फ्रेंड के लिए सीन होनी चाहिए।
  • सोशल मीडिया एकाउंट का पासवर्ड किसी अन्य को नहीं बताएं।
  • फेसबुक पर कोई गलत आईडी बनाकर परेशान करता है तो आईडी की एफबी में रिपोर्ट करें। आईडी को ब्लॉक कर दें।
  • अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट को नहीं स्वीकार करना चाहिए।
  • (साइबर सेल से मिली जानकारी के मुताबिक)
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