कमीशनखोरी के खेल में मरीजों की जान से खेलने वाली 50 आशाएं स्वास्थ्य विभाग के रडार पर हैं। इससे पहले 41 की सेवा समाप्त की जा चुकी है। कई के खिलाफ जांच चल रही है।
उत्तर प्रदेश के आगरा में कमीशन के खेल में महिला मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाली करीब 50 आशाएं स्वास्थ्य विभाग के रडार पर हैं। इनके खिलाफ लिखित शिकायत की गई है। शिकायत के आधार पर आशाओं को चिह्नित कर नोटिस भी दिया जा चुका है। इसके बाद भी सुधार न होने पर इनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी।
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स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं का लाभ जन-जन तक पहुंचाने के लिए विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में चिकित्सा सेवाओं का लाभ जन-जन तक पहुंचाने में आशाओं का विशेष योगदान होता है। ये ग्रामीण क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को टीका समेत सभी सुविधाएं दिलाने, स्वास्थ्य केंद्र या सरकारी अस्पताल में करवाने के लिए प्रेरित करती हैं।
कमीशन के लालच में कई आशाएं गर्भवतियों को प्राइवेट अस्पताल पहुंचा देती हैं। अप्रशिक्षित हाथों से प्रसव होने के चलते गर्भवती महिलाओं की मौत के कई मामले हो चुके हैं। आगरा में गर्भवती महिलाओं के निजी अस्पताल में ले जाने और प्रसव कराने के वीडियो भी कई बार वायरल हुए हैं। जिससे जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की किरकिरी हो रही थी।
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इसके बाद से ही विभाग का आशाओं के प्रति सख्त रूप देखने में आया। स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी 41 आशा की सेवा समाप्त कर चुके हैं। सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया, कि जिले सभी 15 ब्लॉक में ऐसी आशा चिह्नित की जा चुकी हैं जो ठीक ढंग से काम नहीं कर रही हैं। इनको नोटिस देने के साथ इनके काम की मॉनिटरिंग भी की जा रही है। इसके बाद भी आशाओं के काम में सुधार नहीं आया तो इनकी सेवाएं भी समाप्त कर दी जाएंगी।