नगर निगम ने वर्ष 2015-16 का आय-व्यय बजट जारी कर दिया है। इसके तहत नगर निगम शहर में 42447.85 लाख रुपये विकास कार्यों पर खर्च करेगा। इतना ही नहीं, हर पार्षद के क्षेत्र में 30-30 लाख रुपये के विकास कार्य के पार्षदों के प्रस्ताव को सदन ने पास कर दिया है। इसके अलावा आय और व्यय के कुछ लक्ष्यों में भी संशोधन के बाद बजट को पास कर दिया गया।
शनिवार को वर्ष 2015-16 के पुनरीक्षित आय-व्यय के बजट पर चर्चा के लिए नगर निगम का विशेष सदन बुलाया गया। महापौर इंद्रजीत सिंह आर्य और नगर आयुक्त इंद्रविक्रम सिंह ने सदन की कार्रवाई शुरू कराई। नगर आयुक्त ने विशेष सदन के प्रस्तावों पर प्रकाश डाला। इसके बाद मुख्य वित्त अधिकारी एचआर गुप्ता ने बजट प्रस्तुत किया। उन्होंने नगर निगम के प्रारंभिक अवशेष और अन्य स्रोत से होने वाली अनुमानित आय का ब्योरा पेश किया। इसके साथ ही उन्होंने विकास कार्यों पर होने वाले खर्च पर प्रकाश डाला। इस बीच पार्षद रवि माथुर ने आय और व्यय के लक्ष्यों में संशोधन के संबंध में प्रस्ताव प्रस्तुत किए। उन्होंने नगर निगम के गृहकर आय के 3000 लाख रुपये के प्रस्ताव को बढ़ाकर 3500 लाख रुपये करने की मांग की। इस पर पार्षदों के अलग-अलग मद थे। सपा पार्षद दल के नेता मुकेश यादव ने अधिकारियों और पार्षदों के बीच लक्ष्य पर सहमति बनाने के लिए इसे 3200 लाख रुपये कर देने का सुझाव दिया, जिसे पूरे सदन ने सहमति से पास कर दिया। वहीं, होर्डिंगों के माध्यम से होने वाली अनुमानित आय 550 लाख रुपये रखी गई थी। इस पर भी रवि माथुर ने आपत्ति दर्ज कराई। उनका कहना था कि शहर में अधिकांश ऐसे होर्डिंग हैं, जिनकी आय कर्मचारियों की जेबों में जाती है। इसलिए व्यवस्था को दुरुस्त कर इस अनुमानित आय को बढ़ाकर 650 लाख रुपये किया जाना चाहिए। इस सुझाव को भी सदन ने सहमति दी। वहीं, पुलिया और सड़क निर्माण पर नगर निगम के 3500 लाख रुपये के व्यय के सापेक्ष इसे बढ़ाकर 5000 लाख रुपये कर देने पर पार्षदों ने सहमति दी। इधर, प्रकाश व्यवस्था के लिए पिछले बजट में निर्धारित किए गए 700 लाख रुपये के व्यय को कम करते हुए 500 लाख रुपये कर दिया गया। इस पर पार्षदों ने आपत्ति व्यक्त की लेकिन अधिकारियों के तर्कों के बाद इसे सदन ने पास कर दिया। इस दौरान तय किया गया कि हर पार्षद के क्षेत्र में 10-10 एलईडी लाइट लगवाई जाएंगी। इन संशोधनों के साथ ही सदन ने नगर निगम के बजट को पास कर दिया। सदन में स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर में अभियान के लिए 600 लाख रुपये का भी प्रस्ताव रखा गया। इस दौरान भाजपा पार्षद दल की नेता कुंदनिका शर्मा, बसपा पार्षद दल के नेता कर्मवीर भारती, कांग्रेस पार्षद दल के नेता शिरोमणि सिंह, प्रदीप अग्रवाल, राहुल चतुर्वेदी आदि मौजूद थे।
जीएम जलकल पर भड़के नगर आयुक्त
बजट पर चर्चा के दौरान सपा पार्षद हेमंत प्रजापति ने 13वें वित्त आयोग के तहत जलापूर्ति और सीवर के कार्यों के लिए रखे गए 30 करोड़ के बजट के खर्च पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सितंबर 2015 तक जलकल सिर्फ दो करोड़ रुपये की खर्च कर पाया है। इसका भी कोई हिसाब-किताब नहीं है। उन्होंने विकास कार्यों की आड़ में जलकल में हो रहे भ्रष्टाचार से पर्दा उठाया। उन्होंने कहा कि आगरा में होने वाले विकास कार्य के टेंडर के विज्ञापन को अलीगढ़ के एक अखबार में प्रकाशित कराया। इस अखबार की एक प्रति सदन में प्रस्तुत की। इस पर नगर आयुक्त इंद्रविक्रम सिंह भड़क गए। उन्होंने महाप्रबंधक मंजू गुप्ता को न सिर्फ पार्षद के सवाल का जवाब देने को कहा बल्कि अनियमितताओं के संबंध में शासन से शिकायत की भी चेतावनी दी। इस बीच महाप्रबंधक मौन साधे रहीं।
भाजपा पार्षद हुईं बागी
सदन की शुरुआत में वार्ड 42 की भाजपा पार्षद संजू ने अपने क्षेत्र में विकास कार्य न होने की समस्या उठाई। उन्होंने कहा कि अधिकारी उनके क्षेत्र के विकास कार्यों की फाइल को अटका देते हैं। उन्होंने सत्ता पक्ष के पार्षदों के विकास कार्यों को प्राथमिकता पर कराए जाने का आरोप लगाया। महापौर ने उनसे बैठने को कहा। मगर, वह अपनी बात पर अड़ी रहीं। कई बार टोकने के बाद भी जब वह नहीं बैठीं तो भाजपा पार्षद दल की नेता कुंदनिका शर्मा को हस्तक्षेप करना पड़ा। मगर, संजू ने सदन में अपने दल के नेता की भी नहीं सुनी। काफी देर तक वह विरोध व्यक्त करती रहीं। बाद में कई पार्षदों के समझाने के बाद ही वह बैठने को तैयार हुईं।
शेल्टर होमों की निगरानी करेगी टीम
भाजपा पार्षद प्रदीप अग्रवाल ने सदन में सर्दी के मौसम में शेल्टरहोमों के बंद होने का मुद्दा उठाया। इस पर सभी दलों के पार्षदों ने भी इस मुद्दे का समर्थन करते हुए जरूरतमंदों को लाभ न मिल पाने की बात रखी। नगर आयुक्त ने पार्षदों से कहा कि वे एक टीम गठित कर स्वयं इनकी निगरानी करें और जरूरतमंदों को यहां पहुंचाने की दिशा में कार्य करें।
पार्षद ने सदन में बैठाया अपना प्रतिनिधि
सदन की कार्रवाई के दौरान सपा पार्षद क्षमा जैन सक्सेना लंच के बाद उठकर कहीं चली गईं। इस दौरान वे अपने प्रतिनिधि को सदन की कार्रवाई के बीच में बैठा गईं। इसका अधिकांश पार्षदों ने विरोध किया।
खुद अपनी पीठ न थपथपाए निगम
पार्षद श्याम भोजवानी ने स्मार्ट सिटी में रिकार्ड वोटिंग के लिए नगर निगम को खुद अपनी पीठ न थपथपाने की बात रखी। कहा कि इसका पूरा श्रेय मीडिया को जाता है। क्योंकि उनकी पहल के बाद ही जनजागरूकता बढ़ी और लोग वोटिंग के लिए आगे निकलकर आए।