कासगंज। जिले में एबीआरसी का पद समाप्त होने की अधिसूचना जारी हो गई है। अब एआरपी चयन के लिए आवेदन मांग लिए गए हैं। इसके मानक तय कर दिए गए हैं। सिर्फ प्रेरणा एप धारक शिक्षक ही एआरपी के लिए आवेदन कर सकेंगे। जिले में 42 एआरपी तैनात होंगे। इसमें 6 डायट के मॉनीटर शामिल रहेंगे।
सहायक ब्लॉक समन्वयक की छुट्टी होना तय है। अब ब्लॉक में एकेडमिक रिसोर्स पर्सन(एआरपी) शिक्षा की गुणवत्ता परखेंगे। एआरपी के लिए आवेदन की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है, लेकिन इसके मानक तय किए गए हैं। जो शिक्षक प्रेरणा एप धारक होंगे वह ही एआरपी के लिए आवेदन कर सकेंगे।
इसके अलावा जिन शिक्षकों ने सराहनीय कार्य और शिक्षा में बेहतर नवाचार किए हैं उन्हें वरीयता मिलेगी। वैसे तो तमाम शिक्षक ग्रुपों पर एआरपी के मानकों का विरोध हो रहा है। सोशल मीडिया पर प्रेरणा एप का विरोध दर्ज कराने के लिए तमाम शिक्षक एआरपी के आवेदन न करने की अपील कर रहे हैं, लेकिन इस बीच तमाम शिक्षक एआरपी बनने के लिए लालायित हैं। वैसे तो अभी तक परीक्षा की तिथि निर्धारित नहीं है, लेकिन शिक्षकों ने एआरपी बनने के लिए बीएसए कार्यालय से संपर्क शुरू कर दिया है। पूरे जिले में एबीआरसी के स्थान पर एआरपी ही शिक्षा के मानक परखेंगे।
आंकड़े की नजर से-
- 35 एआरपी सभी विकास खंडों में किए जाएंगे चयनित।
- 6 एआरपी डायट स्तर से किए जाएंगे तैनात।
- 42 एआरपी बढ़ाएंगे शिक्षा की गुणवत्ता।
- 30 स्कूलों का प्रतिमाह करना होगा पर्यवेक्षण।
एआरपी के लिए एबीआरसी लाइन में
जिले में ब्लॉक सह समन्वयक के पद पर तैनात शिक्षक एआरपी के लिए लाइन में लग गए हैं। सिफारिशों की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा परीक्षा की तैयारी भी एबीआरसी शुरू कर चुके हैं। वह एबीआरसी का पद समाप्त होने के बाद एआरपी बनने की होड़ में लग गए हैं।
वर्जन-
- जिले में एआरपी चयन के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रेरणा एप धारक ही शिक्षक एआरपी बनेंगे। शासनादेश मिल गया है। नियमानुसार परीक्षा कराकर एआरपी का चयन कराएंगे- अंजली अग्रवाल, बीएसए।