कासगंज। अपनी पढ़ाई को बीच में छोड़ चुकी किशोरियों को स्वस्थ बनाने का जिम्मा बाल विकास एवं महिला कल्याण विभाग को सौंपा है। शासन से ऐसी किशोरियों के लिए दाल, देशी घी, सहित अन्य पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए योजना बनाई है। शासन से मिले निर्देशों के बाद विभाग ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
शासन से बेसिक शिक्षा परिषद व माध्यमिक शिक्षा विभाग के तहत संचालित शासकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों में एमडीएम योजना संचालित है। इस योजना के तहत कक्षा 8 तक शिक्षारत सभी बच्चों को मेन्यू के अनुसार, भोजन, दूध, फल आदि उपलब्ध कराया जाता है। लेकिन जो किशोरियां अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ चुकी हैं और स्कूल नहीं जाती वे योजना का लाभ पाने से वंचित रह जाती हैं। पर्याप्त पोषक तत्व न मिलने से इनके स्वास्थ्य पर भी विपरीत असर पड़ता है। शासन से 11 से 14 वर्ष तक की ऐसी किशोरियों को भी स्वस्थ बनाने के लिए योजना तैयार की है। इस योजना के तहत इन किशोरियों को अरहर की दाल, चना की दाल, देशी घी, पौष्टिक पंजीरी आदि उपलब्ध कराई जाएगी। योजना के तहत इन किशोरियों को यह सभी खाद्य पदार्थ आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे। यह सामान उनको घर ले जाने के लिए दे दिया जाएगा।
जो किशोरियां अपनी पढ़ाई छोड़ चुकी हैं उनका सर्वे कराया जाएगा। सर्वे के बाद जो किशोरियां चिह्नित होंगी उनकी पूरी रिपोर्ट तैयार करने के बाद बजट के लिए शासन को डिमांड भेज दी जाएगी। शासन से जैसे ही बजट स्वीकार होगा किशोरियों को योजना का लाभ मिलने लगेगा। संजीव कुमार, बाल विकास परियोजना अधिकारी