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सड़क योजना के लिए काटे जा रहे हरे पेड़

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सड़क योजना के लिए काटे जा रहे हरे पेड़ - फोटो : अमर उजाला
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कासगंज। जिले में फोरलेन सड़क योजना के तहत कासगंज और एटा मार्ग पर हरे पेड़ों को काटा जा रहा है। विशाल वृक्ष काटे जाने से इलाका बंजर सा नजर आने लगा है। कासगंज से कलक्ट्रेट तक और कासगंज से मिरहची की ओर पूरी सड़क पर कहीं भी हरियाली नजर नहीं आ रही। यह प्रकृति प्रेमियों और पर्यावरण के लिए चिंता का विषय है। इससे पर्यावरण प्रभावित होने का अंदेशा लगाया जा रहा है।
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एटा कलक्ट्रेट से कासगंज कलक्ट्रेट तक फोरलेन सड़क योजना का काम निर्माणाधीन है। कुल 6 हजार पेड़ काटे जा रहे हैं। 75 प्रतिशत से अधिक पेड़ों का कटान हो चुका है। जिले की सीमा के क्षेत्र में साढ़े तीन हजार पेेड़ काटे जा रहे हैं, जब एटा जिले की सीमा में ढाई हजार पेड़ काटे गए हैं। कासगंज-एटा और कासगंज-सोरों के बीच सड़क के दोनों ओर काफी पुराने वृक्ष होने से यह सड़क मार्ग पूरी तरह से हरियाली से ढका हुआ था, लेकिन पेड़ कट जाने के कारण इस समय यह पूरा इलाका बंजर और वीरान सा नजर आने लगा है। कहीं भी किसी को इस मार्ग पर छांव नहीं मिल सकती। इतने पेड़ों के कटान से ही मार्ग की रौनक गायब है, लेकिन अभी सिक्सलेन योजना का निर्माण शुरू होना है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। फोरलेन के बाद अब सिक्सलेन की हद में आने वाले पेड़ भी काटे जाएंगे। अनुमानित रूप से फोरलेन योजना से अधिक पेड़ों का कटान सिक्सलेन योजना में होगा। क्योंकि सिक्सलेन सड़क में जिले का कछला से लेकर डुकरिया नगला तक का क्षेत्र इसमें प्रभावित होगा। चूंकि सिक्सलेन की योजना के लिए ग्रामीण इलाकों का लेआउट तैयार किया गया है। जिसके दायरे में तमाम आम, अमरूद, बेर के बाग हैं। यह स्थिति जिले के लोगों के बीच चिंता का विषय बनी हुई है।
वर्जन
- हरियाली के बिना जीवन नहीं है, लेकिन जिले में कांक्रीट का जाल लगातार बिछाया जा रहा है। पेड़ों का अंधाधुंध कटान हो रहा है। यह बेहद चिंता का विषय है। जिले के पर्यावरण पर इसका बेहद असर होगा। पूरे जिले में सघन वृक्षारोपण अभियान चलाना जरूरी है।
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- मनोज कुमार शर्मा, दुलार, पर्यावरण संस्था।
- कासगंज-सोरों के बीच काफी पेड़ों का कटान होने से पूरा इलाका बंजर नजर आ रहा है। अब कहीं भी राहगीरों को गर्मी में छाव नहीं मिल पाएगी। तमाम औषधि और हरे भरे फलदार वृक्ष काटे गए हैं। सिक्सलेन में और अधिक पेड़ कटेंगे। जिससे दिक्कत और बढ़ेगी।
- विनोद कुमार, गोरहा।
क्या कहते हैं वन विभाग के अधिकारी
- फोरलेन सड़क योजना के अंतर्गत जो पेड़ काटे गए हैं। उससे दोगुने पेड़ सड़क के दोनों ओर लगाए जाएंगे। इसके अलावा कैनाल बाईपास पर 1500 पौध रोपित की जाएंगी। जिससे यह इलाका फिर से हरा भरा हो सके। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। सिक्सलेन योजना में कितने पेेड़ कटेंगे यह अभी स्पष्ट नहीं है। एनएचएआई की रिपोर्ट के बाद यह जानकारी सामने आएगी।
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- दिवाकर वशिष्ठ, डीएफओ।
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