फिरोजाबाद। राष्ट्रीय संगठन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर बुधवार को बैंक अफसर और कर्मचारियों ने कामबंद हड़ताल की। बैंकों पर सुबह से ताले लटके रहे, जिससे धन निकासी सहित अन्य कार्यों से आए उपभोक्ताओं को बैरंग लौटना पड़ेगा। बैंकों की हड़ताल के कारण एक दिन में 200 करोड़ से अधिक का लेन-देन प्रभावित हुआ।
केंद्र सरकार ने बैंकों के विलय किए जाने के विरोध में एक दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया। जिले की सभी बैंक शाखाओं के अफसर व कर्मचारी सुबह बाईपास स्थित भारतीय स्टेट बैंक शाखा पर एकत्रित हुए, जहां उन्होंने बैंकों के विलय के विरोध में प्रदर्शन किया। स्टेट बैंक के डीसी जैन, मयंक श्रीवास्तव ने कहा कि केंद्र सरकार ने बैंक ऑफ बड़ौदा, विजय बैंक, देना बैंक का विलय किया है।
इसके विरोध में हम हड़ताल करने को मजबूर हुए हैं। अधिकारी संगठन के सचिव अमित जैन, सचिन गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार विलय के प्रस्ताव को शीघ्र वापस ले। पंजाब नेशनल बैंक के अरविंद यादव, ओरियंटल बैंक के नागेंद्र कुमार, यूको बैंक के लालाबाबू वार्ष्णेय ने अधिकारी, कर्मचारियों का वेतन समझौता शीघ्र सम्माजनक करने की मांग की।
बैंक ऑफ बड़ौदा के संतोष सिंह, विजय बैंक के पीके तालुकेदार, केनरा बैंक के रामसेवक, इंडियन बैंक के मनीश गुप्ता ने विलय की प्रक्रिया को तुरंत रोक व खराब ऋणों को कड़ाई से वसूल करने की मांग की। इस मौके पर अवनीश कुमार, नवनीत कुमार, रामअवतार, अरङ्क्षवद जैन, गनेश कुमार, उत्तमचंद्र, विष्णु प्रताप सिंह, देवेंद्र कुमार आदि मौजूद थे।
यूपी बैंक इम्पलाइज यूनियन के जिला सचिव अशोक माहेश्वरी नेक हा कि अच्छे नियंत्रण के नाम पर बैंकों का विलय किया जा रहा है। हमारी मांग है कि बैंकों के विलय की प्रक्रिया रोकी जाए। वेतन समझौता सम्मानजनक शीघ्र लागू हो।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ एसोसिएशन के जोनल सचिव डा. वीके जैन ने कहा कि केंद्र सरकार ने बैंकों का विलय किया है, इसके भविष्य में गंभीर परिणाम होंगे। केंद्र सरकार ने विलय की प्रक्रिया नहीं रोकी तो आंदोलन तेज किया जाएगा।