गोवर्धन (मथुरा)। कलियुग के प्रथम देवता श्रीकृष्ण के स्वरूप में विराजमान गिरिराज महाराज आठ नवंबर को पूजे जाएंगे। गोवर्धन पूजा के प्राकट्य स्थल गिरिराज धाम में देशी-विदेशी भक्त पहुंच गए हैं।
अंतर्राष्ट्रीय गौड़ीय वेदांत समिति के अध्यक्ष माधवदास महाराज के निर्देशन में देश के कोने-कोने से तथा आस्ट्रेलिया, अमेरिका, रूस, कनाडा आदि स्थानों से आए विदेशी द्वापर युग की तर्ज पर गोवर्धन पूजा के लिए सिर पर मटकी, छबरी अन्य छप्पन भोग का सामान लेकर शोभायात्रा निकालेंगे। जगह-जगह अन्नकूट एवं छप्पन भोग मनोरथ के आयोजन किए जाएंगे।
गिरिराज मुकुट मुखारबिंद मंदिर की ओर से सवा मन लड्डू के भोग के साथ शोभायात्रा निकाली जाएगी। रिसीवर रमाकांत गोस्वामी ने बताया कि गिरिराज प्रभु का स्वर्ण जड़ित पोशाक के साथ वन रत्नों से शृंगार होगा। प्रात: गिरिराज जी का अभिषेक होगा। गिरिराज दानघाटी मंदिर पर फूल बंगला दर्शन एवं भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा।
इसके अलावा जतीपुरा के मुखारबिंद मंदिर, पूंछरी के लौठा पर धार्मिक आयोजन होंगे। जीरखोर मंदिर डेरा गांव दिल्ली के संत भगवतदास के निर्देशन में भक्तों में मानसी गंगा की परिक्रमा लगाई।