मैनपुरी। एसडीएम के आदेश पर घिरोर के एक गांव में झोलाछाप की जांच करने पहुंची टीम को ग्रामीणों ने घेर लिया। इससे टीम कोई कार्रवाई नहीं कर सकी। इस बीच झोलाछाप को भागने का मौका मिल गया और वह अपनी दुकान बंद कर भाग गया।
विकास खंड घिरोर के गांव नगरिया के ग्राम प्रधान ने एसडीएम घिरोर अनिल कुमार त्रिपाठी से गांव में झोलाछाप द्वारा उपचार करने की शिकायत की थी। इससे मरीजों की जान को खतरा बताया था। उन्होंने कार्रवाई की मांग की थी। जिस पर एसडीएम घिरोर ने औषधि निरीक्षक उर्मिला यादव को गांव जाकर जांच करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि अगर झोलाछाप के यहां दवाएं मिलती हैं तो उन्हें सील कर कार्रवाई की जाए। जिस पर औषधि निरीक्षक उर्मिला यादव सोमवार को नगरिया पहुंचीं। उनके पहुंचते ही जैसे ही उन्होंने झोलाछाप के बारे में पूछा वैसे ही ग्रामीणों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया। देखते ही देखते औषधि विभाग की टीम को 50 से अधिक लोगों ने घेर लिया।
उनमें से अधिकांश लोग झोलाछाप के पक्ष में बात कर रहे थे। खुद को घिरता देख औषधि निरीक्षक ने किसी तरह उन्हें समझाया, लेकिन वे कुछ भी सुनने को तैयार न थे। जब तक टीम झोलाछाप की दुकान पर पहुंची तब तक वह दुकान बंद करके फरार हो गया। इससे टीम ने बिना किसी कार्रवाई के वापस लौटना ही उचित समझा।