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दो साल में रामवृक्ष का पता नहीं खोज सकी पुलिस

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मथुरा। कानून में मिली छूट का इस्तेमाल पुलिस किस प्रकार से करती है इसका ताजा उदाहरण जवाहर बाग प्रकरण में देखने का मिला है। उद्यान विभाग के कर्मचारी के घर में घुसकर मारपीट के मामले में पुलिस ने कोर्ट में लगाई चार्जशीट से रामवृक्ष को बाहर कर दिया। इसका प्रमुख कारण पुलिस ने रामवृक्ष का पता न मिलना बताया है।
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16 मार्च 2016 को उद्यान विभाग के कर्मचारी देवी सिंह से घर में घुसकर मारपीट करने के मामले में कर्मचारी ने रामवृक्ष यादव और दिनेश यादव तथा कुछ अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। थाना सदर बाजार के उपनिरीक्षक नंदलाल ने रिपोर्ट में नामजद रामवृक्ष और दिनेश के खिलाफ चार्जशीट न देकर अज्ञात आठ लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी।

उप निरीक्षक ने कोर्ट में दाखिल चार्ज शीट में लिखा है कि नामजद रामवृक्ष यादव तथा दिनेश यादव के पते की जानकारी नहीं हो सकी। लिहाजा उनके पता खोजने के लिए विवेचना जारी है। वारदात के दिन 16 मार्च 2016 से अब तक पुलिस रामवृक्ष यादव का पता खोजने में असफल रही।
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उधर पुलिस ने योगेंद्र, चरन सिंह, राजेश, प्रिंस, नवल किशोर, रामायण, प्रेमपाल और राहुल के खिलाफ चार्जशीट दी है। एसीजेएम प्रथम कोर्ट उनके खिलाफ 20 को निर्णय देगी। बचाव पक्ष के वकील एलके गौतम ने बताया कि दो साल तक पुलिस द्वारा रामवृक्ष का पता न बता पाना पुलिस की लापरवाह कार्यप्रणाली दर्शाता है।
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