एटा। जाम से जूझते जिले की सड़कों को अगले माह से राहत मिलने की उम्मीद है। दरअसल, जिले के 3500 वाहनों का पंजीकरण अगले माह निरस्त कर दिया जाएगा। विभाग का मानना है कि ऐसे वाहन जो 15 वर्ष से अधिक पुराने हो चुके हैं, उनको हटाया जाएगा। इसे लेकर विभाग ने वाहन स्वामियों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
प्रदूषण और शहर में बढ़ते जाम की समस्या की प्रमुख वजह वाहनों का बढ़ता बोझ है। बीते दिनों प्रशासनिक स्तर पर इससे निपटने की तमाम कवायद की गई। लेकिन कुछ भी हाथ नहीं लगा। अब प्रशासन ने नए सिरे से प्रक्रिया की शुरूआत की है।
जिसमें सबसे पहले वाहनों के बढ़ते बोझ पर अंकुश लगाने को शामिल किया गया है। इसके तहत जिले के 3500 ऐसे वाहनों की सूची तैयार की गई है, जिसमें 2500 से अधिक दो पहिया तथा एक हजार करीब चौपहिया तथा भारी वाहन शामिल है, जोकि 15 साल से अधिक पुराने हो चुके हैं। यह सभी वाहनों का पंजीकरण अगले माह अवैध हो जाएगा। इन वाहन स्वामियों को पंजीकरण नवीनीकृत कराने के लिए विभाग में नोटिस जारी किया जा रहा है। जिसमें तमाम नियमों को शामिल किया गया है।
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धुआं और प्रदूषण जांच होगी अहम
नए पंजीकरण में विभाग ने धुआं और प्रदूषण जांच के साथ फिटनेस को प्राथमिकता दी है। वाहन स्वामी को नवीनीकरण के समय प्रदूषण जांच का प्रमाण संलग्न करना जरूरी होगा। पिछले दिनों एनजीटी ने एनसीआर में ऐसे वाहनों की संचालन पर रोक लगाई थी। इसी तर्ज पर जिला प्रशासन ने भी कवायद की है।
जलेसर और अवागढ़ के वाहनों का नहीं होगा पंजीकरण
प्रशासन की नई व्यवस्था में जलेसर और अवागढ़ क्षेत्र के वाहन शामिल नहीं किए जाएंगे। ताज ट्रिपेजियम जोन में आने के चलते इन क्षेत्रों के वाहनों का नवीनीकरण नहीं हो सकेगा। अगर कोई वाहन स्वामी नवीनीकरण करना चाहता है तो उसे किसी अन्य जिले में वाहन का पंजीकरण कराना होगा।
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आंकड़ों पर नजर
3500 वाहन जिले में किए गए है चिह्नित
2500 जिले में है दो पहिया वाहन
1000 जिले में चौपहिया तथा भारी वाहन
15 वर्ष से अधिक अवधि वाले वाहनों का होना है पुन: पंजीकरण
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वर्जन
जिले में 3500 वाहन पन्द्रह साल और उससे अधिक के अवधि को पूरा कर चुके है। ऐसे वाहनों की सूची तैयार कर ली गई है और वाहन स्वामियों को नवीनीकरण के लिए नोटिस दिया जा रहा है, जिसमें प्रदूषण जांच समेत तमाम बिंदुओं को शामिल किया गया है।
हेमचन्द्र गौतम, एआरटीओ प्रशासन