वृंदावन (मथुरा)। बरसों से अपने घर परिवार से दूर वृंदावन के महिला आश्रय सदन में एक एकांकी जीवन व्यतीत कर रही एक 77 वर्षीय वृद्धा अब अपनों के बीच जीवन व्यतीत करेंगी। शुक्रवार को पश्चिम बंगाल की रहने वाली वृद्धा रायधुनी दासी को उसको पुत्र कैलाश सक्सेना अपने साथ घर वापस ले गया।
पश्चिम बंगाल की रायधुनी दासी नामक वृद्धा पति विमलचंद्र दास की मृत्यु के बाद घर में किसी को बिना कुछ बताए मोक्ष की कामना लिए वृंदावन आ गई थी। कृष्णभक्ति में लीन वृद्धा रायधुनीदासी पागल बाबा भूतगली स्थित मीरा सहभागिनी महिला आश्रय सदन में पिछले छह वर्षों से रह रही थी।
शुक्रवार का दिन उसके जीवन में खुशियां लेकर आया। जब उसका पुत्र कैलाश सक्सेना उसे घर वापस लेने के लिए पहुंचा, तो उसकी खुशी का ठिकाना न रहा। वृद्धा की आंखों से खुशी के आंसू झलक रहे थे।
वहीं घर वापसी से पूर्व आश्रय सदन में रह रही अन्य वृद्धाओं ने रायधुनी दासी को गले मिलने के साथ माल्यार्पण किया। सदन प्रभारी संतोष मिश्रा, अधीक्षिका किरन दुबे, सहायक अधीक्षिका रेनू मिश्रा, लिपिक अनिल सिंह, अमित मिश्रा उपस्थित थे।