जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों को जल्द ही मशीन से तैयार रोटी और सब्जी का स्वाद मिलेगा। शासन स्तर से जिला जेल में खाना तैयार करने की मशीन उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही जेल में बने भंडारा तैयार होने वाले भवन को नये सिरे से तैयार कराया जा रहा है।
अब जिला कारागार को हाईटेक किया जा रहा है। पहले बंदियों के लिए फोन सुविधा के लिए एसटीडी, पीने के लिए आरओ लगाए जाने के बाद जिला कारागार में भोजन तैयार करने के तरीकों को भी बदला जा रहा है। वर्तमान समय में जिला कारागार में करीब साढ़े नौ सौ बंदी और कैदी निरुद्ध है। इनका खाना तैयार करने के लिए करीब चालीस लोग भंडारे में काम करते है। इतने लोगों के काम करने के बाद भी भोजन जल्द नहीं तैयार हो पाता है।
ऐसे में शासन स्तर से जिला कारागार में भोजन एवं सब्जी तैयार कराने के लिए मशीनों को शिफ्ट कराया जा रहा है। जेल अधीक्षक पीपी सिंह ने बताया कि शासन स्तर से रोटी एवं सब्जी तैयार करने की मशीन को उपलब्ध कराई गई है। इसे जेल में बने भंडारे में लगवाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रोटी के लिए मशीन में केवल आटा डालना होगा। इसके बाद रोटी तैयार होकर मशीन से बाहर निकलेगी।
ऐसे ही सब्जी को छीलने और काटने एवं पकाने वाली भी मशीन जेल को मिली है। इसमें से भी सब्जी तैयार होकर बाहर निकलेगी। ऐसे में भंडारे में काम करने वाले लोगों को राहत मिलेगी। साथ ही बंदियों को भी जल्द और अच्छा भोजन मिल सकेगा। जेलर कुलदीप सिंह भदौरिया ने बताया कि भंडारे वाला भवन काफी पुराना है। इसका भी जीर्णोद्धार कराया जा रहा है।
ये होंगे फायदे
1. रसोई घर में काम करने वाले लोगों की आवश्यकता नाममात्र के लिए रहेगी।
2. जिला कारागार में प्रदूषण भी नहीं होगा।
3. जल्द और अच्छा भोजन बंदी, कैदियों को होगा मुहैया।
4. रसोईघर में साफ सफाई अधिक रहेगी।
आंकड़ों पर नजर
40 लोग हर रोज खाना बनाने का करते हैं काम
950 कैदी और बंदी जिला जेल में है बंद
02 बार मशीन से ही बनेगा खाना