मथुरा। सेना ने बिजली विभाग से अपनी जमीन वापस मांग ली है। 90 साल पहले सेना से लीज पर ली गई जमीन में अधीक्षण अभियंता के तीन दफ्तर, चार अधिशासी अभियंता और विजिलेंस के दफ्तर बने हैं। बिजली घर भी बना है। सेना के इस रुख से बिजली अफसरों में खलबली मच गई है। सैन्य अफसरों का कहना है कि अक्तूबर 2016 में लीज की अवधि खत्म हो चुकी है। जमीन कैंट क्षेत्र में है।
सेना की 2.82 एकड़ जमीन पर बिजलीघर, बिजली कार्यालय बने हुए हैं। यह जमीन सेना के रक्षा संपदा अधिकारी कार्यालय आगरा से 160 रुपये प्रति वर्ष की लीज पर 90 साल के लिए ली गई थी। यह लीज अक्तूबर 2016 को खत्म हो गई, लेकिन बिजली अफसरों ने इस लीज को आगे नहीं बढ़वाया। जबकि इस संबंध में लगातार पत्र जारी होते रहे। जब बिजली अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया तो सेना ने बिजली अफसरों को नोटिस जारी कर दिया है और नई दरों के हिसाब से लीज तय कराने को कहा है। नई दरों और डेढ़ साल का किराया लाखों में बताया गया है। सेना ने कहा है कि अगर वह नई दरों पर लीज तय नहीं करा पा रहे हैं तो उनकी भूमि को तत्काल खाली करा दिया जाए। इस नोटिस से बिजली अफसरों में बेचैनी है। अब रक्षा संपदा अधिकारी आगरा की ओर से इस मामले में 28 मार्च को अपना पक्ष रखने के लिए बिजली अफसरों को बुलाया गया है।
‘90 साल से बिजलीघर व कार्यालय की जमीन लीज पर है। इसका समय अक्तूबर 2016 में पूरा हो गया। इसके बाद लीज आगे नहीं बढ़ सकी। अब रक्षा संपदा अधिकारी का नोटिस मिला है। इससे एमडी व अन्य अफसरों को अवगत कराया है। 28 को अपना पक्ष रखते हुए लीज आगे बढ़ाने को सैन्य अफसरों के साथ वार्ता की जाएगी’
राघवेंद्र सिंह, एसई शहर