एटा। दीनबंधु दीनानाथ महाविद्यालय के संचालक डॉ शिवनंदन यादव शिकोहाबाद स्थित नारायन डिग्री कालेज में प्रोफेसर हैं। जिले में डॉ. शिवनंदन यादव के छह से अधिक विद्यालय और महाविद्यालय संचालित हैं। कालेज संचालक ने खुद के दूसरे कालेज केबीटीसी प्रशिक्षुओं को कक्ष निरीक्षक बना दिया। इनमें दीनबंधु दीनानाथ इंटर कालेज, महाविद्यालय, बीटीसी कालेज, श्रीमती रामश्री महिला महाविद्यालय एवं महिला बीएड कालेज शामिल हैं।
गुरुवार को एसडीएम ब्रजेश कुमार और सीओ सिटी द्वारा की गई छापेमारी में न केवल सामूहिक नकल कराए जाने का खुलासा हुआ है, बल्कि कम उम्र के कक्ष निरीक्षक परीक्षा में ड्यूटी देते हुए पाए गए। इससे यह तो साफ हो रहा है कि महाविद्यालय प्रशासन के पास शिक्षकों का पर्याप्त इंतजाम नहीं है, जिसकी वजह से छात्रों से ड्यूटी कराई जा रही है। हालांकि प्रबंधक डा. शिवनंदन यादव महाविद्यालय में पर्याप्त इंतजाम होने का दावा कर रहे हैं। उन्होंने कार्रवाई को राजनीतिक बताया है। उनका कहना है कि जानबूझकर मेरे महाविद्यालय के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई कराई जा रही है।
अर्ह ही होते हैं कक्ष निरीक्षक
कक्ष निरीक्षक के लिए वांछित अर्हता की जानकारी देते हुए नेाडल अधिकारी डॉ अनिल कुमार सक्सेना ने बताया कि परीक्षा ड्यूटी कालेज के शिक्षकों की ही लगाई जाती है। कक्ष निरीक्षकों की कमी होने पर कालेज के लिपिक एवं बाहरी शिक्षकों को भी लगाया जा सकता है। इसके लिए प्राचार्य को उनकी योग्यता एवं पद के प्रति संतुष्ट होना होगा।
स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों में स्टाफ का टोटा
स्ववित्त पोषित महाविद्यालयों में नियमानुसार स्टाफ नहीं होता। जिले के अधिकांश महाविद्यालयों में ऐसा ही हाल है। इन कालेज में प्राचार्य एवं प्राध्यापक के रूप में अर्ह लोगों के केवल नाम चलते हैं। जबकि महाविद्यालय संचालकों के चहेते अनहर्य लोगों के हवाले रहते हैं।
बीटीसी प्रशिक्षु कर रहे ड्यूटी
विश्वविद्यालय की परीक्षाओं में बीटीसी प्रशिक्षु ड्यूटी कर रहे हैं। महाविद्यालय परिसर में एक बीटीसी कालेज भी संचालित है। बताते चलें कि संस्था संचालक डॉ शिवनंदन यादव का शहर में एक श्रीमती रामश्री महाविद्यालय एवं बीएड कालेज भी संचालित है।
महाविद्यालय में स्टाफ की कमी है। शिक्षकों की कमी के चलते बीटीसी प्रशिक्षुओं की ड्यूटी लगाई गई थी। परिसर में बीटीसी कालेज भी संचालित है। शहर में श्रीमती रामश्री महिला महाविद्यालय एवं बीएड कालेज भी है।
डॉ सुधीर पालीवाल, प्राचार्य, दीनबंधु दीनानाथ महाविद्यालय