मैनपुरी। एक तरफ जहां सरकार किसानों की आय को दुगना करने का प्रयास कर रही है। वहीं दूसरी ओर यही अन्नदाता विभागों के चक्कर लगाने को मजबूर हो रहे हैं। आलम यह है कि अधिकारी भी उनकी समस्याओं को हल्के में ले रहे हैं। समय पर उनकी समस्याओं का निदान नहीं किया जा रहा है। वहीं ऋण मोचन योजना की भी सही जानकारी नहीं दे रहे हैं। इस कारण किसान विभागों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
ऋण मोचन योजना के तहत कई किसानों को ऋण माफ नहीं हुआ है। कई किसान ऐसे हैं जिन्हें प्रमाण पत्र नहीं मिल सके हैं। वहीं कई किसानों का कहना है कि वह पात्र किसानों की श्रेणी में आते हैं। लेकिन इसके बाद भी उनका कर्जा माफ नहीं हुआ है। किसान दिवस पर भी कई किसानों ने इस समस्या से अधिकारियों को अवगत कराया था।
इसके बाद भी अभी तक किसान सही जानकारी के लिए भटक रहे हैं। किसानों का कहना है कि अधिकारी भी इसका सही जवाब नहीं दे रहे हैं। बैंकों में जाकर पता करने पर बैंक कर्मचारी कोई भी जानकारी नहीं होने की बात कहते हैं। जिला कृषि अधिकारी सारा डाटा बैंक में होने की बात की कहते हैं।
बुधवार को विकास भवन स्थित कृषि विभाग में पहुंचे किसान रामपाल ने बताया कि वह पिछले चार दिनों से चक्कर लगा रहे हैं। उनका लेखपाल ने ऋणमोचन की सूची में नाम होने की बात कही थी। लेकिन उसके बाद भी उनका ऋण माफ नहीं हुआ है। बैंक में भी सही जानकारी नहीं दी जा रही है।