एटा। अब आपराधिक पृष्ठभूमि से जुड़े लोग शस्त्र लाइसेंस नहीं पा सकेंगे। साथ ही पुराने लाइसेंसों का नवीनीकरण भी नहीं किया जाएगा। आपराधिक रिकार्ड की पुष्टि नहीं होने तक लाइसेंस को लंबित रखा जाएगा। सचिव भगवान स्वरूप ने डीएम को निर्देश जारी किए हैं।
दरअसल, अब तक आपराधिक प्रवृत्ति के लोग सांठगांठ करके शस्त्र लाइसेंस बनवा लेते हैं। वहीं सत्यापन के अभाव में तमाम लाइसेंस धारक हथियारों का गलत प्रयोग करते थे। शासन ने इसमें बदलाव करते हुए शस्त्र लाइसेंसधारियों को झटका दिया है। विशेष सचिव भगवान स्वरूप ने जारी निर्देश में कहा है कि प्रदेश में शस्त्र लाइसेंसों की संख्या को बढ़ता देखते हुए बदलाव किया जा रहा है। इसमें हर शस्त्र लाइसेंस धारक का सत्यापन होगा। सत्यापन के दौरान विभाग आवेदक के आपराधिक रिकार्ड को खंगालेगा। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि आवेदक के परिवार के किसी सदस्य पर कोई मामला दर्ज तो नहीं है। एडीएम न्यायिक रामअरज यादव ने बताया कि लगातार सत्यापन कराए जा रहे हैं। रिपोर्ट के आधार पर शस्त्र लाइसेंस पर कार्रवाई की जा रही है।
कहते हैं आंकड़े
32072 कुल लाइसेंस धारक
552 शस्त्र धारकों के खिलाफ मामले दर्ज
101 लाइसेंस किए जा चुके निरस्त
317 लाइसेंस हो चुके हैं निलंबित
134 लाइसेंस धारकों पर होनी है कार्रवाई