टाउनशिप (मथुरा)। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की योजना परवान चढ़ी तो परिषदीय स्कूलों में बच्चे अपनी क्षेत्रीय भाषा में ककहरा सीखेंगे। इसके लिए ब्रज में ब्रजभाषा, अवध में अवधी, बुंदेलखंड में बुंदेलखंडी और भोजपुरी भाषा में अनुवादित किताबों से पढ़ाई होगी।
मथुरा में प्रथम कक्षा की ब्रजभाषा में किताब का प्राइमर मिल गया है। सारी कवायद बच्चोें को रुचि के साथ शिक्षा से जोड़ने की है। डायट प्राचार्य डा. मुकेश अग्रवाल ने बताया कि बच्चा जब स्कूल में प्रवेश करता है तो उसे मानक हिन्दी में पढ़ाया जाता है। इधर, घर में क्षेत्रीय भाषा में उसे बोलना सिखाया जाता है।
ऐसे में छात्र का मन पढ़ाई में नहीं लगता है। एससीईआरटी की इस योजना का सार ये है कि बच्चा जिस भाषा में घर में बोल रहा है उसी भाषा में उसे स्कूल में ककहरा सिखाया जाए। इसके लिए प्राथमिक विद्यालय डायट बाद, अडूकी, कोयला, अंगनपुरा एवं बबूरी को चुना गया है। इन स्कूलों में ब्रजभाषा की किताब से बच्चों को पढ़ाने का प्रयोग किया जाएगा।