एटा। फरियादियों की शिकायतों के निपटारे में जिले के अधिकारी पिछड़ गए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर डीएम और राजस्व विभाग की शिकायतों का निपटारा नहीं हो पा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय से की गई समीक्षा में जिला भी पिछड़ गया है। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए सभी अधिकारियों का वेतन रोक दिया है।
जनता की शिकायतों के निपटारे के लिए जनसुनवाई पोर्टल बनाया गया है। इस पर आने वाली शिकायतों की सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय के माध्यम से निगरानी की जाती है। आलम यह है कि जिले में एक अप्रैल से मुख्यमंत्री कार्यालय को संदर्भित की गईं 1221 शिकायतों में 35, कार्यालय वार आईं 2342 शिकायतों में 45, डीएम के पास आईं 9989 में 36 और राजस्व की 33 में से सिर्फ तीन शिकायतों का ही निस्तारण हो सका है।
समीक्षा के अनुसार शिकायतों के निपटारे में जिला अगस्त माह में 24वें नंबर पर था, जो सितंबर में खिसक कर 50वें नंबर पर आ गया है। डीएम ने इस पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों का वेतन रोकने के आदेश दिए हैं। डीएम अमित किशोर ने कहा है कि शिकायतों का निपटारा नहीं होने तक किसी भी अधिकारी को वेतन जारी नहीं किया जाएगा। इसे लेकर विभागों में हड़कंप मच गया।
इनका रुका वेतन
एसडीएम अलीगंज, सीडीओ, एडीएम प्रशासन, डीएसओ, एलडीएम, एसडीएम एटा, पीडी डीआरडीए, तहसीलदार एटा, एडीएम वित्त एवं राजस्व, डीपीआरओ, डीडीओ, डीएओ, बीडीओ अलीगंज