टूंडला। मंगलवार की मध्यरात्रि का अंधेरा और एक के ऊपर एक सोते हुए गिरे लोगों की चीखें, मदद के लिए चिल्ला रहे ट्रेन के कोचों में फंसे लोग। यह भयावह नजारा कानपुर रेलखंड पर अछल्दा-पाता रेलवे स्टेशने के मध्य उस स्थान का था, जहां ट्रेन हादसा हुआ।
कैफियत एक्सप्रेस का सफर कई यात्रियों को मौत के करीब ले गया लेकिन ईश्वर का शुक्र था कि हादसे में किसी की जान नहीं गयी।
हादसे में घायल फैजाबाद निवासी विकास ने बताया कि वह जनरल बोगी में कुछ महिलाओं द्वारा बैठने की गुजारिश पर सीट से उठकर गेट पर खड़ा हो गया था। जैसे ही धमाका हुआ तभी ट्रेन से बाहर गिर पड़ा। इससे उसके हाथ-पैरों में चोटें आई हैं। वहीं प्रेमा देवी ने बताया कि वह अपने छोटे बच्चे के साथ दिल्ली जा रहीं हैं। हादसा होने पर पास सो रहा बच्चा सीट से नीचे जा गिरा। इससे उसके सिर में चोट आई है।
आजमगढ़ से दिल्ली जा रहे जितेंद्र कुमार ने बताया कि उसने देखा था दो डंपर आ रहे थे। इसमें से एक डंपर अचानक ट्रेन से टकराया और उसका सिर खिड़की में जाकर लगा। ऐसा लगा मानों अब बचना मुश्किल है।
एस-10 कोच में यात्रा कर रहे राजू चौहान ने बताया कि वह सोते हुए जोरदार झटके से सीट से नीचे गिर गया। इसके बाद रेलयात्रियों की चीख-पुकार मच गई। रेलयात्री अपनी जान बचाने के लिए दौड़ते हुए नजर आ रहे थे। वह जब ट्रेन से नीचे उतरा तो उसके होश उड़ गये कई डिब्बे पलटे पड़े थे। हादसे का मंजर दिल दहला देने वाला था।