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केरोसिन लेकर आत्मदाह करने थाने पहुंचीं महिलाएं

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केरोसिन के साथ महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
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सिरसागंज (फिरोजाबाद)।थाना नगला खंगर में पांच अगस्त को सिर पर कुल्हाड़ी मारकर किशोर की हत्या कर दी गई थी। वारदात के पांच दिन बाद भी आरोपियों पर कार्रवाई न होने से ग्रामीणों का गुस्सा फूट गया। मृतक के परिवार की महिलाएं मिट्टी के तेल से भरी केन लेकर आत्मदाह के लिये थाने में पहुंच गईं। मृतक के परिवारीजनों ने थानाध्यक्ष को तत्काल हटाने और अपराधियों पर कार्रवाई की मांग की। साथ ही उन्होंने थाने का घेराव कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।
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थाना नगला खंगर के नगला दुली में हुई शत्रुघन उर्फ गोर्वधन (16) की हत्या के केस में पुलिस की लापरवाही के विरोध में बुधवार की सुबह गांव के लोग होकर थाना नगला खंगर पर पहुंच गये। महिलाओं के पास मिट्टी के तेल से भरी केन थी। एक ओर जहां परिवारीजनों का आरोप था कि मुकदमे में अन्य आरोपियों को नामजद नहीं किया गया, वहीं ग्रामीण इस बात को लेकर भी गुस्सा थे पांच दिन बाद तक पुलिस ने अपराधियों को पकड़ने के लिये कार्यवाही नहीं की है।

महिलाओं का अरोप था कि जब गांव में अपराधी और उनके परिवारीजन खुलेआम घूम रहे हैं। हम लोगों का अत्मदाह करना ही मजबूरी है। ग्रामीणों का गुस्सा देख कर थानाध्यक्ष ने पहले तो मामले को संभालने का प्रयास किया लेकिन जब बात नही बनी तो उन्हाेेंने सीओ को बुला लिया। सीओ अजय कुमार सिंह ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि अपराधियों की तुरंत ही धरपकड़ के लिए टीम गठित की जाएगी। जल्द ही उन्हें जेल भेजा जाएगा। इसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ।
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यह था मामला
चार अगस्त को खेल खेल में हुए विवाद के कारण पांच अगस्त को शत्रुघन उर्फ गोर्वधन पुत्र जगमोहन को गांव के ही आलोक शर्मा और पवन कुमार ने अपने साथियों के साथ मिलकर सिर पर कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दिया था। इसकी रिपोर्ट मृतक की मां की तहरीर पर पुलिस ने पवन व आलोक के विरुद्ध दर्ज कर ली थी। लेकिन राजेन्द्र्री देवी का आरोप है कि बेटे की मौत के कारण उन्हे सदमा बैठा हुआ था। पुलिस ने तहरीर लिखाकर उनपर अंगूठा लगवा लिया गया था।

ये है ग्रामीणों की मांगे
मृतक गोर्वधन के परिवारीजन की थाने के घेराव के दौरान सीओ अजय कुमार सिहं से मांग रखी कि मुकदमें में हत्या में शामिल रामबिहारी उर्फ पीकू पुत्र राधेश्याम का नाम भी बढाया जाऐ साथ ही थानाध्यक्ष को हटा कर नये थानाध्यक्ष ने इस मामले में कार्यवाही की जाए।

शव के अंतिम संस्कार के दौरान भी हुआ था प्रदर्शन
6 अगस्त को जब मृतक शत्रुघन का शव पोस्टमार्टम के दौरान गांव पहुंचा तो ग्रामीणों और परिवारीजनों ने मुकदमें में सभी अपराधियों के नाम न होने पर शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया था। लेकिन सीओ अजय कुमार सिंह के अश्वासन के बाद शाम 5 बजे परिवारीजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया था।
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