एटा। किसानों का कर्जमाफ किए जाने की प्रदेश सरकार की कवायद रफ्तार पकड़ती जा रही है। पहले चरण में प्रशासन द्वारा चिन्हित किए गए 13813 किसानों का तहसील स्तर पर सत्यापन पूरा हो चुका है। सत्यापन में सैकड़ों किसान मृतक पाए गए हैं। जबकि कई किसान अपात्र। मृतक किसानों को अंतिम चरण में कर्जमाफी का लाभ मिलेगा। प्रशासन का दावा है कि सितंबर में जिले के किसानों को कर्जमाफी के पत्र वितरण करना शुरू कर दिया जाएगा।
किसानों का कर्जमाफ करने की घोषणा के बाद एक लाख रुपये तक के कर्जदारों की सूची तैयार करके प्रशासन ने शासन को भेजी थी। इसके तहत कई चरणों में किसानों को कर्जमाफी का लाभ दिया जाना है। जिले में पहले चरण में 13813 किसानों को कर्जमाफी का लाभ दिया जाना है। इसके लिए जिले में 213 अधिकारियों की सत्यापन टीमें लगाई गई थीं। मंगलवार को सत्यापन टीमों ने तहसील स्तर पर सत्यापन का काम पूरा करके प्रशासन को दे दिया है।
अब बैंक स्तर पर किसानों का सत्यापन किया जाएगा। इसके तहत बैंक तहसील की रिपोर्ट को सत्यापित करेंगी। सत्यापन के बाद पात्रों का डाटा आनलाइन फीड किया जाएगा। वहीं सत्यापन में मृतक पाए गए किसानों को पहले चरण से बाहर कर दिया है। बताया जाता है कि अंतिम चरण में मृतक किसानों के वारिसों का सत्यापन करके कर्जमाफी का लाभ दिया जाएगा।
जिला कृषि अधिकारी डा. सर्वेश यादव ने बताया कि किसानों का पहले चरण का सत्यापन पूरा हो चुका है। बैंक स्तर पर सत्यापन के बाद आनलाइन फीडिंग होगी। इसके बाद शासन से बजट की मांग की जाएगी। मृतक किसानों को कर्जमाफी का लाभ अंतिम चरण में मिलेगा। सीडीओ उग्रसेन पांडेय कहते हैं कि कर्जमाफी की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। सितंबर में जिले में किसानों को कर्जमाफी पत्र का वितरण शुरू हो जाएगा।
कहते हैं आंकड़े
71,758 किसानों को मिलना है कर्जमाफी का लाभ।
13813 किसान पहले चरण में किए गए चिन्हित।
15 अगस्त से पहले पूरा हो जाएगा बैंक का सत्यापन।