मथुरा। सरकार की नई कर प्रणाली गुड्स एड सर्विस टैैक्स (जीएसटी) में मीट तो सस्ता मिलेगा लेकिन पूजा का सामान, घी और दूध पर कर की मार पड़ेगी। इसको लेकर व्यापार मंडल, तीर्थ पुरोहित महासंघ ने विरोध जताया है।
जीएसटी में मीट पर जीरो प्रतिशत जीएसटी दर रखी गई है। इससे आम जनमानस को बेचैन कर दिया है लेकिन घी, मक्खन पर 14.5 प्रतिशत (12 प्रतिशत जीएसटी और 2.5 प्रतिशत मंडी शुल्क) है।
घी के एक कनस्तर पर करीब 850 रुपये कर के बनते हैं। कुछ ऐसा ही हाल पूजा के सामान का है। वैट में तांबे के हवन कुंड, आचमनी, मूर्ति आदि पर शून्य प्रतिशत कर था। कुछ सामान पर कर की दर 5 प्रतिशत थी। जीएसटी में कर की दर 18 प्रतिशत है। अब पूजा और हवन करना भी महंगा हो जायेगा।
पूजा सामग्री कारोबारी अजय गोयल ने बताया जीएसटी की विसंगतियां व्यापारियों में रोष पैदा कर रही हैं। कर की दरों को लेकर हमने विधायकों तथा केंद्र सरकार के वित्त राज्यमंत्री को भी अवगत कराया है। तीर्थ पुरोहित महासंघ की ओर से अजय चतुर्वेदी ने इस पर एतराज जताया है।