कासगंज (एटा)। पूर्व परिवहन राज्य मंत्री मानपाल सिंह के पैतृक गांव महावर में कई दिनों से बुखार का प्रकोप बना हुआ है। बुधवार को इस गांव में एक और बालिका की सांसें थम गईं।
आधा दर्जन से ज्यादा बच्चे इसकी चपेट में हैं। फिर भी स्वास्थ्य विभाग बेफिक्र बना हुआ है। अभी तक गांव में चिकित्सकों की टीम तक नहीं भेजी गई है।
गांव में एक पखवाडे़ से बुखार से लोग पीड़ित है। दो जून को गांव की प्रवेश कुमारी पुत्री उदयवीर की बुखार से मौत हो गई थी। बुधवार को अर्चना (8) पुत्री खेमकरन की भी मौत हो गई।
उसे तीन दिन से बुखार आ रहा। परिवारीजनों ने उसे स्थानीय एक चिकित्सक को दिखाया था। बाद उसे कासगंज लेकर आए। हालत में सुधार न होने पर बालिका को अलीगढ़ ले जाया गया, जहां उसकी सांसें थम गईं।
इसके अलावा गांव में अभी भी त्रिमल का पुत्र तरुन, पुत्री भावना, महेंद्र का पुत्र तोएश, बेनीराम की पुत्री निशा सहित आधा दर्जन बच्चे बुखार से पीड़ित हैं। इधर, बुखार से दो बालिकाओं की मौत से पूरे गांव में दहशत फैली है।
ग्रामीणों का कहना है मौतों के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी गंभीर नहीं है। टीम न भेजे जाने से ग्रामीणों को गांव के ही चिकित्सकों को दिखाना पड़ रहा है। मामले में सीएमओ डॉ रंगजी दुबे ने बताया कि टीम भेजकर पीड़ितों की जांच और उपचार कराया जाएगा।