गंजडुंडवारा। ग्राम समसपुर में जामिया दावत उल खैर लिलबनात गर्ल्स कॉलेज में सालाना जलसे का आयोजन किया गया। जिसमें 40 बालिकाओं के आलिमा का कोर्स पूरा करने पर सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि के रूप में मुफ्ती गजाला अख्तर शम्सी मुरादावादी रहे। जलसे की अध्यक्षता मुफ्ती अरबाब मुरादाबादी ने की। मुफ्ती हारिस बाराबंकी ने बालिकाओं के लिए उर्दू अरबी के साथ-साथ दुनियावी तालीम जरूरी है। हर इंसान को गुनाह गलत कामों से बचना चाहिए और अच्छे काम करे। इंसानियत के नाते एक दूसरे के साथ अच्छा व्यवहार कर आपसी भाई -चारे के साथ मिलजुल कर मुफ्ती अरबाब मुरादाबादी ने कहा कि इस इलाके का यह पहला मदरसा है। इसमें लड़कियों के लिए आलिमा का कोर्स कराया जाता है। मदरसे में आलिमाओं को उर्दू, अरबी की शिक्षा के साथ-साथ अंग्रेजी, हिंदी, गणित और कंप्यूटर की शिक्षा भी दी गई है। मुस्लिम महिलाओं को अदब के साथ पर्दे में रहना चाहिए। आलिमाओं को परिवार चलाने के साथ-साथ दीन के कार्य को भी आगे बढ़ाने की भी अपील की।
इस मौके पर मुफ्ती शादाब, मुफ्ती वफरुल्ला, कारी राशिद हुसैन, कारी अकरम मुस्तफा, मौलाना जावेद, मौलाना जुनैद, मौलाना अयाज, मौलाना माज, हाजी इकबाल उर्फ भूरा, कुद्दूश खा सहित अन्य तमाम लोग मौजूद रहे।