फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ताजमहल का थ्री-डी सर्वे: स्टडी के लिए ड्रोन का भी इस्तेमाल, ताकि सलामत रहे 'मोहब्बत की मिसाल'

Tue, 22 Mar 2022 09:33 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

विदेशी विशेषज्ञों की टीम ताजमहल के चप्पे-चप्पे का थ्री डी सर्वे कर रही है। ताज के अलावा भोपाल की भीमबेटका और महाराष्ट्र स्थित अजंता-एलोरा की गुफाओं का सर्वे भी किया जा रहा है। 
विज्ञापन
ताजमहल में सर्वे करती टीम - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ताजमहल की हर दीवार, मीनार, गुंबद समेत चप्पे-चप्पे की माप, झुकाव का थ्रीडी सर्वे किया जा रहा है। विदेशी विशेषज्ञों की टीम 10 मार्च से ताजमहल का डिटेल कंडीशन एसेसमेंट (डीसीए) कर रही है, जिसमें थ्री डी तकनीक समेत 10 तरह की तकनीक शामिल है। 25 मार्च तक ताजमहल का समग्र सर्वेक्षण किया जाएगा।

विज्ञापन

 
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के लिए विदेशी विशेषज्ञों की टीम देशभर के तीन विश्व धरोहर स्मारकों आगरा के ताजमहल, भोपाल की भीमबेटका और महाराष्ट्र स्थित अजंता-एलोरा की गुफाओं का सर्वेक्षण कर रिपोर्ट तैयार करेगी। 

अलग-अलग तकनीक के जरिए ताजमहल से जुड़ा हर डाटा जुटाया जा रहा है, जिसका इस्तेमाल संरक्षण कार्यों में किया जाएगा। किसी आपदा या अन्य कारणों से स्मारकों को नुकसान की स्थिति में इसी रिपोर्ट से देखा जा सकेगा कि 2022 में स्मारक किस स्थिति में था। इससे इसकी मरम्मत या पुनर्निर्माण में मदद मिलेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

स्टडी के लिए ड्रोन का भी प्रयोग

संस्कृति मंत्रालय ने इस स्टडी के लिए ड्रोन के प्रयोग की अनुमति भी दी है ताकि ताज का एरियल सर्वे हो। इसके लिए तीन बार ड्रोन उड़ाए गए हैं। तुर्की की कंपनी अपने साथ 10 विदेशी तकनीशियनों, विशेषज्ञों को लेकर आई है जो ताजमहल के भूमिगत कक्षों का सर्वे भी कर रहे हैं। 

ताजमहल में चमेली फर्श के नीचे, मकबरे के नीचे शाहजहां मुमताज की असली कब्रों और मीनारों के नीचे के चैंबर में सर्वे करने की अनुमति एएसआई ने कंपनी को दी है। न केवल दिन, बल्कि रात में भी ताजमहल का सर्वेक्षण किया जा रहा है। 

हर रोशनी में ताजमहल पर पड़ रहे प्रभाव, पत्थरों के रंग, मीनारों के झुकाव, धरोहर के संरक्षण की स्थिति का आकलन किया जा रहा है। 15 दिन में यह सर्वेक्षण पूरा हो जाने की उम्मीद है। 10 मार्च से शुरू हुआ यह सर्वे 25 मार्च तक पूरा हो सकता है। 

25 मार्च तक काम करेगी कंपनी

एएसआई के अधीक्षण पुरातत्वविद राजकुमार पटेल ने बताया कि संरक्षण के लिहाज से देशभर के तीन स्मारकों ताजमहल, भीमबेटका और अजंता-एलोरा का अत्याधुनिक तकनीक के जरिए सर्वे किया जा रहा है। यह पायलट प्रोजेक्ट है। 25 मार्च तक टीम यहां रहकर ताजमहल के हर स्थान की रिपोर्ट बनाएगी। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें