कासगंज। सिढ़पुरा की केनरा बैंक गोल्ड लोन घोटाले की जांच एसडीएम के स्थानांतरण के बाद उलझ कर रह गई। बैंक ने तो अपनी रिपोर्ट सौंप दी, लेकिन प्रशासनिक टीम जांच पूरी नहीं कर सकी। पुलिस इस मामले में चार्जशीट भी दाखिल कर चुकी है।
बैंक के वैल्युअर राहुल देव की संस्तुति पर बैंक मैनेजर मनोज कुमार ने नकली सोने पर लोन दे दिया। करोड़ों रुपये का गोल्ड लोन घोटाला किया गया। जब घोटाले की एक परत खुली फिर तो फर्जीवाड़े की लंबी सूची निकली। मामले में केनरा बैंक उच्चाधिकारियों ने जांच की। डीएम आरपी सिंह ने सहावर के तत्कालीन एसडीएम की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम बनाई। लीड बैंक मैनेजर और कोषाधिकारी को भी इस टीम में शामिल किया गया। मामले में प्रशासनिक जांच शुरू ही हो पाई थी कि एसडीएम का स्थानांतरण इलाहाबाद जिले के लिए हो गया। सहावर में संदीप केला को उपजिलाधिकारी बनाया गया। इस प्रक्रिया के बाद जांच अधर में लटक गई। नए एसडीएम को कोई भी पत्रावली नहीं मिली। पुलिस इस घोटाले के मामले में अपनी जांच कर चार्जशीट भी दाखिल कर चुकी है। प्रशासनिक टीम अभी तक रिपोर्ट नहीं दे पा रही। बैंक की जांच में पाया गया है कि गोल्ड लोन में लगभग ढाई करोड़ रुपये का घोटाला किया गया था।
- तत्कालीन एसडीएम की अध्यक्षता में जांच करने पहुंचे थे, फिर एसडीएम का स्थानांतरण हो गया। इसके बाद न तो जांच के लिए उन्हें बुलाया गया और न ही जांच रिपोर्ट मांगी गई। - संदीप कुमार कोषाधिकारी
- मुझे केनरा बैंक गोल्ड लोन घोटाले की जांच संबंधी कोई पत्रावली नहीं मिली है। इस मामले में मेरे द्वारा कोई जांच नहीं की गई। जानकारी करेंगे कि क्या मामला है। - संदीप केला, एसडीएम।