अलीगंज (एटा)। ग्रामीण न्यायालय की स्थापना पुरानी तहसील परिसर में कराने और एसडीएम का तबादला कराने की मांग को लेकर एडीएम को ज्ञापन देने पहुंचे अधिवक्ताओं में आक्रोश दिखा। दो घंटे तक एडीएम का इंतजार करने पर अधिवक्ता भड़क गए। इस दौरान एडीएम द्वारा शिकायत को अनसुना करने पर अधिवक्ताओं में रोष दिखा।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मुनीश्वरदयाल दुबे के नेतृत्व में अधिवक्ता एडीएम को ज्ञापन देने गए थे। अपर जिलाधिकारी तहसील दिवस समाप्त होने के बाद दो मिनट अधिवक्ताओं से रूबरू हुए। अधिवक्ताओं का आरोप है कि एडीएम ने अधिवक्ताओं की बातों को हवा में उड़ा दिया। इसे लेकर अधिवक्ताओं ने एडीएम और एसडीएम मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए।
अधिवक्ताओं का आक्रोश देख अपरजिलाधिकारी गाड़ी में बैठकर सीधे एटा चले गए। अधिवक्ताओं का कहना है कि एसडीएम ने मनमाने ढंग से बिना बार एसोसिएशन को संज्ञान में लिए ग्रामीण न्यायालय के लिए ग्राम ससुतिया जगदीश के पास दो एकड़ भूमि का प्रस्ताव शासन को भेज दिया, जबकि पुरानी तहसील परिसर का स्थलीय निरीक्षण पूर्व में रहे जिलाधिकारी एवं जिला जज द्वारा किया जा चुका है।
तहसील परिसर की भूमि पांच एकड़ में फैली हुई है और पर्याप्त भवन उपलब्ध हैं। मगर उसके बावजूद एसडीएम ने उच्चाधिकारियों को अनदेखा करते हुए प्रस्ताव भेज दिया। अध्यक्ष ने कहा कि जब तक ग्रामीण न्यायालय और उपजिलाधिकारी का स्थानान्तरण नहीं हो जाता है तब तक उपजिलाधिकारी न्यायालय का बहिष्कार रखेगें।
जरूरत पड़ी तो तहसीलदार, नायब तहसीलदार कोर्ट का भी बहिष्कार किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में ओमहरी सक्सेना, बलवीर सिंह यादव, रामेन्द्रपाल पांडेय, बलवीर सिंह राठौर, प्रताप सिंह राठौर, रवीन्द्र पाण्डेय रामतीर्थ दीक्षित, वेदप्रकाश यादव, आनन्द शाक्य, राकेश दीक्षित, अमरनाथ गुप्ता, पुष्पेन्द्र यादव, वीरेन्द्र शाक्य समेत तमाम अधिवक्ता मौजूद रहे।