एटा। अगर आप एटीएम कार्ड का प्रयोग करते हैं, तो इस खबर को ध्यान से पढ़िए, क्योंकि एटीएम कार्ड के साथ आपको जीवन की सुरक्षा देने वाला बीमा मिल रहा है। बैंकों की लापरवाही से जिले के 90 फीसदी से ज्यादा एटीएम कार्ड धारक बीमा के लाभ से अनजान हैं। ऐसे में बीमा कंपनी और बैंकों को करोड़ों रुपये का लाभ हो रहा है। आलम यह है कि जानकारी के अभाव में लोग जरूरत पड़ने पर बीमा का लाभ पाने के लिए क्लेम नहीं करते हैं।
बैंक में खाता खोलने और एटीएम कार्ड जारी होने के दौरान कार्ड धारक का मुफ्त दुर्घटना बीमा हो जाता है। सभी सरकारी या किसी निजी बैंक अपने-अपने हिसाब से कार्ड धारक को एक से पांच लाख रुपये तक के बीमा का लाभ देती हैं। बैंक एटीएम कार्ड पर मृत्यु होने पर बीमा की पूरी धनराशि मिलती है। साथ ही गंभीर रूप से घायल होने पर यह धनराशि 25000 से लेकर एक लाख रुपये तक होती है। मजेदार बात यह है कि एटीएम कार्ड पर इसका उल्लेख नहीं होता। जबकि कार्ड के साथ मिलने वाली किट पर बहुत छोटे शब्दों में बीमा की राशि के बारे में जानकारी अंकित की जाती है। ऐसे में कार्ड धारक जागरूकता के अभाव में बैंक में कोई क्लेम नहीं करते और बीमा कंपनी और बैंक भी चुप्पी साधे रहते हैं।
शुरुआत में हुआ था प्रचार-प्रसार
बताया जाता है कि करीब 15 साल पहले जब एटीएम कार्ड जारी होना शुरू हुए थे, तब इस मुफ्त दुर्घटना बीमा का बैंकों ने खूब प्रचार-प्रसार किया था। एटीएम पर भी सूचनाएं लिखी रहती थीं। बाद में बैंकों ने लापरवाही शुरू कर दी। अब एटीएम कार्ड पर मिलने वाले बीमा की जानकारी नहीं दी जाती है। बैंक एटीएम कार्ड पर बीमा का लाभ लेने के लिए 40 दिन में एक बार ट्रांजेक्शन जरूरी होता है। इसलिए अगर आपने एटीएम कार्ड जारी कराया है, तो उसका प्रयोग करें और बीमा का लाभ लें।
दो से पांच महीने में करें क्लेम
एटीएम दुर्घटना बीमा के लिए एटीएम धारक को दो से पांच माह के अंदर क्लेम करना होता है। यदि किसी व्यक्ति की दुर्घटना में मौत हो जाती है तो उससे संबंधित व्यक्ति को दो से पांच माह के अंदर बैंक की उसी शाखा में जाना होगा, जहां मृतक का खाता है। जिले में करीब 10 लाख खाता धारक हैं। इसमें से करीब 50 फीसद लोगों ने एटीएम कार्ड जारी कराया है। आरबीआई के अनुसार इन सभी कार्ड धारकों का बीमा कराया जाता है।
वर्जन
दुर्घटना होने पर ही एटीएम कार्ड धारक को बीमा का लाभ मिलता है। सामान्य मौत होने पर बीमा का कोई लाभ नहीं मिलता है।
जेपी गौड़, बैंक अधिकारी, लीड बैंक