बरसाना(मथुरा)। चर्चित रौनक हत्याकांड के खुलासे में पुलिस पूरी तरह से फेल हो गई है। हिरासत में लिए गए सोनू को भी पुलिस ने छोड़ दिया है। वहीं, रौनक के परिवारवाले पुलिस से इस कदर डरे हैं कि वह घर पर ताला लगाकर चले गए हैं। बरसाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं लेकिन सब कुछ जानने के बाद भी आला अधिकारी चुप्पी साधे हैं।
10 अक्तूबर को रौनक पुत्र बच्चू का शव बरसाना की विलासगढ़ पहाड़ियों में मिलने से सनसनी फैल गई थी। शुरुआत से रौनक के परिजन सोनू पर हत्या को आरोप मढ़ रहे थे, पर बरसाना पुलिस शुरू से हीलाहवाली बरत रही थी। चार दिन पहले बरसाना पुलिस के बुलावे पर सोनू थाना बरसाना पहुंचा था। इसकी भनक लगते ही रौनक के परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। इन सभी ने एकत्रित होकर थाने पर हमला कर दिया। सोनू से मारपीट करने लगे, भीड़ ने उसे बचाने आए मुंशी को भी पीट डाला।
पुलिस ने लाठी बरसाईं तो गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस जीप के शीशे तक तोड़ डाले। मामले में पुलिस ने पांच नामजद और आठ अज्ञातों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने दो नामजदों को जेल तक भेज दिया। वहीं, पूछताछ में कुछ खास उगलवाने में नाकाम हुई बरसाना पुलिस ने सोनू को छोड़ दिया है। लोगों का कहना है कि एक बार फिर बरसाना में आक्रोश पनपने लगा है। थाने पर हमले में नामजद रौनक की मां और पिता पूरे परिवार के साथ फरार हो गए हैं, वहीं अन्य नामजदों के घरों पर ताले लटक गए हैं। प्रभारी निरीक्षक सुनील तोमर दावा कर रहे हैं जल्द ही रौनक हत्याकांड का खुलासा किया जाएगा।