बरसाना (मथुरा)। लठामार होली में शामिल होने के लिए दूर दराज के लोग अभी से बरसाना पहुंचने लगे हैं। स्थिति यह है कि सभी गेस्टहाउस और धर्मशालाएं फुल हो गईं हैं। बरसाना ही नहीं आसपास के कस्बों के गेस्ट हाउस में भी जगह नहीं बची है। यूं तो इस समय पूरे ब्रज में होली का रंग उड़ रहा है, लेकिन बरसाना में खासी रौनक है। अभी से भक्त राधारानी मंदिर में गुलाल उड़ा रहे हैं। मंगलवार को तमाम भक्त यहां पहुंचे और मंदिर में होली खेली। एक-दूसरे को गुलाल लगाया। महिलाएं अपने लड्डू गोपाल को भी साथ लेकर पहुंचीं। यहां राधारानी के जयकारे गूंजते रहे। 23 फरवरी को लड्डू होली मनाई जाएगी जबकि 24 फरवरी को लठामार होली होगी। इसमें शामिल होने के लिए प्रदेश ही नहीं बल्कि देश भर से लोग पहुंचते हैं। विदेशी भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। 22 फरवरी तक बरसाना में भीड़ बढ़ जाएगी। ध्वज से अनुमति लेकर करेंगे होली की शुरुआत मथुरा। बरसाना-नंदगांव की लठामार होली के हुरंगा में ध्वज पताका को राधाकृष्ण और बलराम का स्वरूप मानकर कृ ष्ण बलराम संग ब्रज के हुरियारे होली खेलेंगे। लठामार होली और हुरंगे की शुरुआत हुरियारे ध्वज को प्रणाम कर व अनुमति लेकर करेंगे।
वसंत पंचमी पर होली का डांढ़ा गाढ़ने के साथ ही बरसाना नंदगांव व बलदेव के मंदिर में ध्वज पताका रख दी गई है। 24 फरवरी को बरसाना की लठामार होली है। बरसाना में होली खेलने के लिए नंदगांव के हजारों हुरियारे बरसाना आएंगे। होली के लिए नंदगांव के नंदबाबा मंदिर में डांढ़ा गढ़ने के समय ही श्रीकृष्ण स्वरूप का ध्वज रखा गया। नंदगांव के हुरियारे ध्वज को प्रणाम कर अबीर, गुलाल लगाकर होली की शुरुआत करेंगे और बरसाना में होली की अनुमति लेंगे। इसी तरह बरसाना के लाड़ली मंदिर में डांढ़ा गड़ने के साथ ही ध्वज रखा गया। बरसाना से श्रीकृष्ण जी गोपी (राधा) के रूप में नंदगांव सखियों के साथ फगुआ मांगने व होली खेलने जाएंगे। वहीं दाऊजी के मंदिर में तीन मार्च को होने वाले हुरंगा में कृष्ण और बलराम के स्वरूप में दो झंडे निकालेंगे। इसमें कृष्ण बलराम की पूजा कर व गुलाल लगाकर हुरंगा की शुरुआत करेंगे।