मथुरा। हाईवे के गांव मोहनपुर अड़ूकी में पुलिस की गोली से मारे गए बालक माधव के दादा शिवशंकर और दादी दर्शन देवी सदमे में आ गए हैं। नाती की हत्या के बाद से दादा-दादी का रो-रोकर बुरा हाल है। लगातार आंसू बहने से उनकी तबियत भी बिगड़ रही है। दोनों का कहना है कि आखिर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा अभी तक दर्ज नहीं हुआ है। क्या ऐसे हमारे माधव को न्याय मिलेगा।
थाना हाईवे के गांव मोहनपुर अड़ूकी में 17 जनवरी की शाम 4:30 बजे पुलिस और बदमाशों की मुठभेड़ में अमरनाथ के आठ वर्षीय बालक माधव के सिर में गोली लगने से मौत हो गई थी। आईजी आगरा ने भी प्रथम दृष्टया पुलिस की गोली लगने से माधव की मौत होना माना था। आईजी ने दो दरोगा और दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया था। पिता की तहरीर पर मुकदमा तो अज्ञातों के खिलाफ दर्ज किया गया था।
दोनों दरोगाओं के जमा कराए गए असलहे
मथुरा। मोहनपुर अड़ूकी में पुलिस और बदमाशों की मुठभेड़ में मारे गए माधव के मामले में दो दरोगाओं की असलहे जमा कराए गए हैं। संभवत: दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो सकती है। विवेचना कर रहे सीओ सदर राकेश कुमार ने पुलिसकर्मियों और दरोगा के बयान भी लिए हैं। सीओ सदर राकेश कुमार ने बताया कि विवेचना जारी है। ग्रामीणों, रिश्तेदारों और परिजनों के बयान के बाद अब पुलिसकर्मियों के बयान लिए गए हैं। इसके अलावा दोनों दरोगाओं के असलहे जमा कराए गए हैं। इन बयानों के आधार पर ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की होगी।