मथुरा। जनपद के छप्पन बिजली घरों पर केवल 21 जेई की तैनाती है। यह स्थिति तो बिजली मंत्री के जिले की है। बाकी दूसरे जिलों का हाल तो और भी बुरा है।
जनपद के ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में कुल 56 बिजली घर हैं। हर बिजली घर पर तीन से लेकर 10 फीडर हैं। सभी फीडरों को 24 घंटे बिजली देने, लाइन लॉस रोकने, फॉल्ट सही कराने, मरम्मत और ट्रांसफारमर बदलने के लिए इस्टीमेट बनाने आदि को केवल 21 जेई तैनात हैं। 12 जेई तो ऐसे हैं जिन पर चार चार बिजलीघर संचालन की जिम्मेदारी है। मानव संसाधनों की कमी के चलते प्रदेश सरकार के पॉवर फॉर ऑल के दावे की हवा निकल रही है।
ग्रामीण इलाकों में हर किसी को बिजली देने की घोषणा में लाइन लगवाने व मरम्मत से लेकर अन्य काम पिछड़ रहे हैं। यह हालात तो ऊर्जा मंत्री के गृह जनपद के हैं। एसई ग्रामीण विनोद कुमार गंगवार ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के 56 बिजलीघरों पर 21 जेई से ही काम चलाया जा रहा है। समय-समय पर जेई टीम बनाकर राजस्व वसूली चेकिंग आदि में जुटते हैं। नए जेई तैनात करने को डिवीजन व मुख्यालय को कई बार लिखा गया है।