एटा। तंबाकू नियंत्रण अधिनियम के तहत सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करने वालों पर दंड प्रावधान लागू कर दिया है। इसके तहत अन्य सार्वजनिक स्थलों को गैर धूम्रपान क्षेत्र घोषित कर उल्लंघन करने वालों से अर्थदंड वसूली के आदेश दिए हैं।
तंबाकू दुष्प्रभाव से बचाने के लिए राष्ट्रीय तंबाकू अधिनियम की धाराओं को और सख्त कर दिया है। इसके तहत अब लोग शैक्षिक संस्थाओं, चिकित्सालय, कार्यालयों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर धुआं नहीं उड़ा पाएंगे। उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना, कैद या दोनों का प्रावधान कर दिया है।
आदेश को प्रभावी बनाने के लिए महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं ने जिलाधिकारी को निर्देशित किया है। वहीं सार्वजनिक स्थलों को पूर्ण गैर धूम्रपान क्षेत्र सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। विगत दिनों जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संपन्न विभागाध्यक्षों की बैठक में नोडल अधिकारी एसीएमओ डा. आरएन गुप्ता ने शासनादेश की जानकारी दी। साथ ही अर्थदंड वसूली रसीद भी उपलब्ध करा दी हैं।
सार्वजनिक स्थलों पर लगेंगे धूम्रपान निषेध के बोडर्
राज्य तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ ने विद्यालयों, न्याय परिसरों, अस्पताल एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान निषेध की सूचना बोर्ड लगवाने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में यहां धूम्रपान करना ही नहीं तंबाकू उत्पादों का प्रचार प्रसार भी पूर्ण प्रतिबंधित होगा।
शिक्षण संस्थानों के आसपास नहीं बेच पाएंगे तंबाकू
स्कूल कालेज की 100 गज की परिधि में तंबाकू उत्पादों को बेचने पर भी प्रतिबंध रहेगा। साथ ही 18 वर्ष से कम आयु के युवा तंबाकू उत्पादों को नहीं बेच सकेंगे। अनुपालन न करने वालों पर दो सौ रुपये का तत्काल अर्थदंड का प्रावधान किया गया है।