टूटी छत, उखड़ा फर्श और दरकती दीवारें, जी हां जिले में पंचायत भवनों का हाल कुछ ऐसा ही है। जिले में महज 325 पंचायतों में बने पंचायत भवनों का हाल कुछ ऐसा ही है। वहीं 251 ग्राम पंचायतें आज भी भवन के लिए तरस रही हैं। सांसद राजवीर सिंह के गोद लिए गए गांव करतला का पंचायत भवन भी जीर्ण-शीर्ण हो चुका है।
पिछले दिनों पंचायती राज विभाग ने जिले में बने पंचायत भवनों का सर्वे कराया, तो चौंकाने वाले हालात सामने आए। सर्वे में पता चला कि 325 ग्राम पंचायतों में ही पंचायत भवन बने हुए हैं। जिनमें अधिकांश भवन जर्जर पड़े हैं। पंचायत भवनों की छतें टपक रही हैं। इसके साथ ही भवन दरक गए हैं। कुछ पंचायत भवनों का हाल तो यह है कि वो खंडहर हो चुके हैं। मगर विभाग ने अब तक पंचायत भवनों के विकास को पहल नहीं की है। पंचायत भवनों में बैठक हुए एक अरसा बीत चुका है। शासन ने दुरुस्त कराने की पहल की थी, लेकिन ग्राम पंचायतों की मनमानी से पंचायत भवन आज भी विकास को तरस रहे हैं। वहीं 251 ग्राम पंचायतों में भवन का निर्माण ही नहीं हुआ है।
पंचायत भवनों के जीर्णोद्धार के लिए पहल की जा रही है। हर ब्लॉक में ग्राम पंचायतों का सर्वे कराया गया है। इसमें 325 ग्राम पंचायतों में भवन बने हैं। जिसमें कई जर्जर हैं। इनको दुरुस्त कराया जाएगा।
धनंजय जायसवाल, डीपीआरओ
सांसद को नहीं नजर आया पंचायत भवन
जिले के शीतलपुर ब्लॉक के गांव करतला में पंचायत भवन जर्जर हैं। दो दिन पहले सांसद ने अपने आदर्श गांव करतला का भ्रमण किया था, लेकिन पंचायत भवन पर ध्यान नहीं दिया गया।
ये है पंचायत भवनों का हाल
ब्लॉक ग्राम पंचायत पंचायत भवन
अलीगंज 93 48
अवागढ़ 54 43
जैथरा 67 27
जलेसर 67 27
मारहरा 59 35
निधौलीकलां 71 52
सकीट 92 54
शीतलपुर 83 45
कुल 576 325