कासगंज। बारिश का मौसम चल रहा है, ऐसे मेें मच्छरों का प्रकोप और बीमारियों का ग्राफ भी बढ़ चुका है। मलेरिया की रोकथाम के लिए आई दवा गोदामों की शोभा बढ़ा रही है। यही नहीं छिड़काव वाली दवाएं भी स्टोर में पड़ी हैं इनका इस्तेमाल तक कराना विभाग ने जरूरी नहीं समझा है।
विभाग के पास 75 किग्रा एंटीलार्वा दवा, 21.5 किग्रा डाईफ्लू बेजीरान दवा स्टॉक में मौजूद है। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में छिड़काव के लिए 40 लीटर पायरेप्रिम दवा की व्यवस्था की गई है। लेकिन इसका छिड़काव नहीं कराया है।
बारिश के मौसम के चलते क्षेत्र में जगह जगह जलभराव के हालात हैं। बाढ़ के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में भी गंगा का पानी जमा होने लगा है, जिससे मच्छर पनप रहे हैं। विभागीय आंकड़ों में ही जून माह तक 14 रोगी मलेरिया के चिन्हित हो चुके हैं, जबकि निजी पैथालॉजी में संख्या इससे अधिक है।
मलेरिया के लक्षण
जाड़ा लगकर बुखार आना
कंपकंपी आना औश्र दांतों का बजना
शरीर से बहुत पसीना आना
लगतार तेज बुखार, सिरदर्द, एवं उल्टी आना
मलेरिया से बचाव को ये रखें सावधानी
- अपने आस पास पानी एकत्र न होने दें
-एकत्रित गंदे पानी में केरोसिन, डीजल, जले हुए मोबिल की बूंदे डाल दें
- पानी के बर्तन को ढककर रखें
- सप्ताह में एक बार पानी के बर्तन को धोकर साफ कर लें
- सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें
- शरीर के खुले हिस्से में नीम या सरसों का तेल लगाएं
मलेरिया पर अंकुश लगाने को दवा छिड़काव के लिए पालिका से कर्मियों की मांग की गई है। नगर के सभी वार्डों में दवा छिड़काव की योजना बनाई गई है। जल्द ही दवा का छिड़काव शुरू कराया जाएगा।
- राजकुमार सागर, जिला मलेरिया अधिकारी