बहन के साथ स्कूल से घर लौट रहे यूकेजी क्लास के छात्र को गुरुवार को दिनदहाड़े कार सवार बदमाशों ने अगवा कर लिया। जानकारी पर परिवारीजन और पुलिस ने छात्र की तलाश शुरू की, लेकिन शाम तक उसका कोई सुराग नहीं लगा। अपह्रत मासूम के परिवारीजन अनहोनी को लेकर दहशत में हैं। परिवार ने किसी रंजिश की बात से इनकार कर दिया है। वहीं अपहर्ताओं के भागने में सकीट पुलिस की निष्क्रियता सामने आई है।
थाना सकीट क्षेत्र के गांव नगला इंदी निवासी किसान कुंवरपाल के दो बच्चे आठ साल की शशि बेटी और पांच साल का बेटा अर्जुन है। दोनों बच्चे गांव से महज एक किमी दूर स्थित दिगंबर जैन बाल विद्या मंदिर में पढ़ते है। गुरुवार को विद्यालय की छुट्टी के बाद शशि अपने छोटे भाई अर्जुन के साथ पैदल घर जा लौट रही थी। गांव नगला इंदी की मोड़ पर पहुंचते ही पीछे से आए काले शीशे लगी कार सवारों ने अर्जुन को कार में डाल लिया और फरार हो गए। भाई को ले जाते वक्त बहन ने शोर भी मचाया लेकिन किसी ने सुना नहीं।
मासूम शशी ने ग्रामीणों से कह कर परिवारीजनाें को सूचना भेजी। परिवारीजनों और ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने फोन पर सकीट पुलिस को सूचना दी तो जवाब मिला कि फोर्स नहीं है अभी दिखवाते हैं। इसी बीच ग्रामीणों ने 100 नंबर को सूचना दी तो एसएसपी ने जिले की सीमाएं सील कर वाहन चेकिंग शुुरू करा दी। ग्रामीणों का आरोप है कि एसएसपी और एसपी देहात मौके पर पहुंच गए, लेकिन थाना पुलिस ने एक किमी दूर पहुंचने में एक घंटे से ज्यादा का वक्त लग गया। ग्रामीणों की माने तो थाना पुलिस पहली सूचना पर सक्रिय होती तो अपहर्ता पकड़े जाते।
पुलिस अपहर्ताओं और मासूम छात्र की तलाश में जुटी है, लेकिन शाम तक कोई सुराग नहीं लगा था। एसओ सकीट ने बताया कि छात्र की बरामदगी के लिए पुलिस कई टीमें लगीं हैं। वहीं छात्र का दिनदहाड़े अपहरण होने से परिवारीजन अनहोनी की आशंका से भयभीत हैं।
अपहरण की घटना उलझी हुई है। फिरौती भी नहीं मांगी गई है। लेकिन कुछ न कुछ ऐसा है जिसे परिवारीजन छिपा रहे हैं। अपहर्ता बेटी को छोड़ कर बेटे को ले गए गए हैं। पुलिस घटना के कारणाें का पता लगाने में जुटी है।
अखिलेश कुमार चौरसिया, एसएसपी