मैनपुरी। नगर पालिका का परिसीमन दोबारा से होगा। पूर्व में प्राप्त आपत्तियों और उनके सही प्रकार से निस्तारण न होने की शिकायतों के चलते शासन स्तर पर यह फैसला लिया गया है। पिछले दिनों शासन से आए फैसले के बाद स्थानीय अधिकारियों ने दोबारा परिसीमन करने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। देर शाम जिलाधिकारी की अध्यक्षता में पूरे मामले को लेकर बैठक भी हुई। इसमें परिसीमन पर निगाह रखने के लिए एक समिति गठित करने का निर्णय हुआ।
निकाय चुनावों के चलते चार माह पूर्व नगर पालिका का परिसीमन हुआ था। इनमें आसपास के कई गांवों और मोहल्लों को शामिल किया गया था। तब कई लोगों ने उक्त परिसीमन पर आपत्ति दर्ज कराईं थीं लेकिन सत्ताधारी दल के नेताओं के दबाव में उन्हीं के अनुसार नगर पालिका का परिसीमन तय कर दिया गया था। यही नहीं उक्त परिसीमन को तमाम आपत्तियों को दरकिनार कर शासन स्तर से पास भी कर दिया गया था। विधानसभा चुनावों के बाद प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी। तभी से अंदाजा लगाया जा रहा था कि अब नगर पालिका का परिसीमन दोबारा होगा। हुआ भी यही। 19 जुलाई को शासन से आए पत्र में नगर पालिका का परिसीमन दोबारा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें तर्क दिया गया है कि पूर्व में किया गया परिसीमन सही नहीं था।
यही नहीं उस पर दर्ज कराई गईं आपत्तियों का निस्तारण भी नियमानुसार सही प्रकार नहीं किया गया था। इसके चलते त्रुटि रहित चुनाव कराना संभव नहीं है। ऐसे में नगर पालिका का परिसीमन दोबारा से काया जान जरूरी है। शासन का पत्र मिलते ही जिला स्तर पर इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं।
शुक्रवार की शाम को इस संबंध में जिलाधिकारी यशवंत राव की अध्यक्षता में अधिकारियों की बैठक भी हुई। इस संबंध में एडीएम बी राम ने बताया कि शासन से निर्देश मिलने के बाद नगर पालिका के दोबारा परिसीमन करने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसके लिए शीघ्र ही एक कमेटी का भी गठन किया जाएगा।