आगरा जिले की 690 ग्राम पंचायतों में से 307 पंचायत सहायकों ने पूरे साल एक भी ग्रामीण को सरकारी सेवा नहीं दी। पंचायतीराज विभाग ने लापरवाही पर नोटिस जारी करने की तैयारी की है। जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जिन पंचायत सहायकों की नियुक्ति ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और ग्राम पंचायत के कार्य में सहायता देने के लिए की गई, वह लापरवाह निकले। उन्होंने अपने मूल कामकाज से ही दूरी बना ली। जांच में सामने आया कि जिले की 690 ग्राम पंचायतों में से 307 ग्राम पंचायतों में साल भर में एक भी ग्रामीण को सेवा नहीं दी गई। जिम्मेदार भी आंखों पर पट्टी बांधे रहे।
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प्रदेश सरकार ने वर्ष 2021 में पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर ग्राम पंचायत में सचिवालय बनवाया। उसके संचालन के लिए पंचायत सहायकों की नियुक्ति की। इनका काम पंचायत के संचालन में सहयोग कर कार्यों का डिजिटल रिकाॅर्ड बनाना, ग्राम सभा की बैठक कराना आदि था। इसके साथ ही कॉमन सर्विस सेंटर से ग्रामीणों को जाति प्रमाणपत्र, जन्म प्रमाणपत्र, परिवार रजिस्टर की नकल, किसान पंजीकरण, वृद्धावस्था पेंशन, राशनकार्ड आवेदन जैसे 250 से अधिक कार्यों की सेवा देने में सहायता करना है। मगर, आरोप है कि पंचायत सहायकों ने ग्रामीणों को सेवा देने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। सक्रिय रहते हुए कार्य नहीं करने वाले पंचायत सहायकों को पंचायतीराज विभाग नोटिस भेजने की तैयारी कर रहा है।
पूछा जा रहा कारण
जिला पंचायतराज अधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि 307 ग्राम पंचायत सहायकों ने वित्तीय वर्ष 2025-2026 में शून्य सेवा दी है। जिनमें 55 निष्क्रिय और 252 सक्रिय हैं। उन्हें नोटिस भेजकर कारण पूछा जा रहा है। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। - ,