कासगंज। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रेप एंड पॉक्सो एक्ट शिखा प्रधान के न्यायालय ने बालिका से यौन अपराध के दोषी को तीन साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
पटियाली क्षेत्र की एक आठ वर्षीय बालिका 4 जुलाई 2017 को दोपहर करीब 3 बजे गांव के बच्चों के साथ खेल रही थी। इस बीच गांव का ही कुंवर पाल वहां पहुंच गया। उसने बालिका को 10 रुपये दिए साथ ही और रुपये का लालच देकर उसे अपने साथ बुला ले गया। वह बालिका को उपलों के पीछे ले गया और उसके साथ अश्लील हरकतें शुरू कर दी और दुष्कर्म करने की कोशिश की। बालिका के चीखने पर गांव के लोग आ गए। इसके बाद आरोपी मौके से भाग गया। इसके बाद परिजनों ने उसके घर जाकर शिकायत की तो उसके भाई धनपाल, अमरपाल, कश्मीर, जगपाल व नन्नू ने गाली गलौज करते हुए धमकी देकर भगा दिया। बालिका के बाबा ने केस दर्ज कराया। पुलिस ने मामले की विवेचना करने के बाद पत्रावली कोर्ट में पेश कर दी। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले की पैरवी अपर जिला शासकीय अधिवक्ता हरिओम ने की। अधिवक्ता ने बताया कि कोर्ट ने कुंवरपाल को धारा 7/ 8 यौन अपराध शिशु संरक्षण अधिनियम का दोषी माना है। जिसके तहत तीन साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने दोषी पर 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुुर्माने की राशि में से 20 हजार रुपये बालिका के नैसर्गिक संरक्षक पिता को उसकी शिक्षा एवं जीवन यापन के लिए दिए जाएंगे। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी। अर्थदंड जमा न करने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।