अमन और चैन की दुआ के साथ शाहजहां के 360वें उर्स का समापन हो गया। तीन दिवसीय उर्स के अंतिम दिन रविवार को दिनभर चादरपोशी और गुलपोशी का सिलसिला चला। खुद्दाम-ए-रोजा कमेटी द्वारा चढ़ाई गई 500 मीटर से अधिक लंबी सतरंगी चादर आकर्षण का केंद्र रही। तीन दिवसीय उर्स के दौरान लगभग 130 चादर और 17 पंख चढ़ाए गए।
रविवार को उर्स का आगाज फजर की नमाज के बाद कुल शरीफ से हुआ। इसके बाद हाजी जमीलउद्दीन कुरैशी, असलम कुरैशी, साजिद सुलेमानी, सैय्यद मुनव्वर अली आदि ने चादर चढ़ाई। दोपहर को खुद्दाम-ए-रोजा कमेटी के अध्यक्ष ताहिरउद्दीन ताहिर के नेतृत्व में सतरंगी चादर चढ़ाई गई। चादर इतनी लंबी थी कि इसका एक सिरा कब्र के पास था तो दूसरा रेड सेंट स्टोन प्लेटफोर्म के पास। कमेटी का दावा है कि चादर 800 मीटर से अधिक लंबी थी। इसके बाद एएसआई ने भी चादर चढ़ाई। स्मारक के अंदर लंगर बांटा गया। शाम को फातिहा पढ़ने के बाद असली कब्रों के दरवाजे अगले साल तक के लिए बंद कर दिए गए।
लगभग डेढ़ लाख लोगों ने किया ताज का दीदार
आगरा। उर्स के दौरान तीन दिन तक ताजमहल में प्रवेश नि:शुल्क था। उर्स में शिरकत करने वाले स्थानीय लोगों के साथ-साथ तीन दिनों में लगभग डेढ़ लाख लोगों ने ताज का दीदार किया। अफसरों के मुताबिक, उर्स के पहले दिन शक्रवार को लगभग 30 हजार, शनिवार को लगभग 50 हजार और रविवार को लगभग 70 हजार पर्यटकों ने ताज देखा।
टूर एंड ट्रैवल्स ने खूब की कमाई
उर्स के दौरान टूर एंड ट्रैवल्स संचालकों ने मोटी कमाई की। इन तीनों तारीखों में बुक टूर पैकेज के साथ ही उन्होंने होटल और टैक्सी के किराए अलावा पर्यटकों से ताज में प्रवेश शुल्क भी वसूला। सैकड़ों ऐसे पर्यटक थे, जो पहले ही प्रवेश टिकट ले चुके थे। कुछ गाइड और लपकों ने भी पैसे लेकर विदेशी पर्यटकों को ताज में प्रवेश कराया।
बिना चेकिंग के कर गए प्रवेश
सुरक्षा के तमाम दावों को धता बताते हुए बहुत से लोग बिना चेकिंग के ही ताजमहल में प्रवेश कर गए। चादरपोशी के लिए आए हुजूम के दौरान दक्षिणी गेट पर कुछ लोगों की चेकिंग नहीं हो पाई। हालांकि सुरक्षाकर्मियों ने ऐसे लोगों को रोकने की कोशिश की लेकिन भीड़ के दबाव में ये लोग निकासी वाली लाइन से स्मारक में प्रवेश कर गए। वहीं एएसआई के अतिरिक्त कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी।
डीएनए टेस्ट कराएं तूसी
मुगलवंशज प्रिंस तूसी द्वारा चादरपोशी करने वाली संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाने को लेकर दिए गए बयान के खिलाफ खुद्दाम-ए-रोजा कमेटी ने मोर्चा खोल दिया है। अध्यक्ष ताहिरउद्दीन ताहिर ने कहा है कि प्रिंस तूसी अपना डीएनए टेस्ट कराएं और मुगलवंशज होने के सुबूत पेश करें। इसके बाद ताज के संबंध में कोई बयान जारी करें। उन्होंने कहा कि प्रिंस तूसी सिर्फ उर्स के दौरान ही नजर आते हैं। इस दौरान भी वह बयानबाजी कर माहौल खराब करने की कोशिश करते हैं।
ताज के अंदर हवा हुए नियम और आदेश
आगरा। शाहजहां उर्स के आखिरी दिन ताजमहल पर नियम और आदेशों की धज्जियां उड़ाई गईं। प्रतिबंध के बावजूद ताजमहल के पश्चिमी गेट की दीवार के सहारे भट्ठियां जलाई गईं। लकड़ी और कोयले का प्रयोग किया गया। हुड़दंग का आलम यह था कि प्रतिबंध के बावजूद स्मारक के अंदर बड़े-बड़े ढोलों की गूंज सुनाई दी। बहुत से लोग ढकेल लेकर पहुंच गए। सेंट्रल टैंक के पास के तालाब में उतरकर पानी के साथ अठखेलियां खेलीं। मुख्य गुंबद पर जूते और चप्पलों के ढेर लग गए। कई लोग बैग तक लेकर अंदर पहुंच गए। इनकी न तो चेकिंग की गई और न ही इन्हें रोका गया। काफी देर तक स्मारक के अंदर यह बैग लावारिस हालत में रखे रहे। इन अव्यवस्थाओं के चलते कई विदेशी पर्यटक असली कब्र तक नहीं देख पाए।