ताजमहल के अलावा उत्तर प्रदेश में हेरिटेज आर्क, बुद्ध सर्किट, वाइल्ड लाइफ, एडवेंचर टूरिज्म, टेंपल टूरिज्म की तरह बहुत कुछ देखने लायक है, लेकिन पहले एयरपोर्ट तो बनाइए। यूपी ट्रेवल मार्ट के दूसरे दिन होटल क्लार्क शिराज में बी 2 बी मीटिंग में आगरा आने के लिए टूर आपरेटरों ने अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों की जरूरत बताई। जाट आंदोलन के चलते यूपी ट्रेवल मार्ट में आने वाले कई आपरेटर जयपुर हाइवे और जयपुर शताब्दी कैंसल होने से नहीं आ सके।
यूपी के दूसरे ट्रेवल मार्ट में सोमवार को 700 बी 2 बी मीटिंग हुई। सुबह 10 से शाम 5 बजे तक टूर आपरेटरों को 20 के करीब मीटिंग करनी अनिवार्य की गई। दोपहर तक मीटिंग के अच्छे दौर चले, लेकिन उसके बाद ही जयपुर हाइवे जाट आंदोलन के चलते बंद होने और जयपुर शताब्दी ट्रेन के कैंसल होने की खबरें आने लगी। इस पर विदेशी टूर आपरेटरों ने सवाल उठाए कि जब अनिश्चितता और असुरक्षा का भाव है तो वह अपने पर्यटकों को आगरा कैसे भेजें। आगरा तक सीधे आने के लिए इंटरनेशनल फ्लाइट ही नहीं है। देश के दूसरे शहरों में जाने के लिए भी उड़ान नहीं। ऐसे में पर्यटक की दो या तीन दिन की आइटनरी कैसे संभव है। अगर आगरा हवाई मार्ग से जुड़ा होता तो जयपुर या दिल्ली से पर्यटक फ्लाइट से तो आ सकते थे। विदेशी आपरेटरों के कई क्लाइंट जयपुर रूट बंद होने से फंस गए। इसका असर ट्रेवल मार्ट पर भी पड़ा। स्टॉल संचालक अपने क्लाइंट से फोन पर उनकी सुरक्षा और उन्हें आगरा लाने की व्यवस्थाएं करने में लग गए।
ट्रेवल मार्ट में साइट सीन नहीं
ट्रेवल मार्ट में 23 देशों के 60 टूर आपरेटर हिस्सा ले रहे हैं, लेकिन तीन दिन के कार्यक्रम में आगरा के स्मारकों की भी साइट सीन नहीं कराई जा रही। प्रदेश सरकार ताजमहल के अलावा बाकी स्मारकों को टूरिस्ट आइटनरी में शामिल कराने के प्रयास कर रही है, लेकिन तीन दिन के ट्रेवल मार्ट में एक दिन भी आगरा के लेसर नोन मान्यूमेंट के साइट सीन के लिए नहीं रखा गया। सूत्रों के मुताबिक ऐसा जानबूझ कर किया गया, जिससे टूर आपरेटर अपनी आंखों से स्मारकों तक पहुंच का रास्ता, ट्रैफिक जाम, अतिक्रमण और लपकों के आतंक को न देख सकें।