इंदौर से आ रही आगरा की राधिका ट्रैवल्स की बस से अधिकारियों ने छह करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की ढाई क्विंटल (250 किलो) अवैध चांदी की खेप बरामद की है। इसे पकड़ से बचाने के लिए ऑटो पार्ट्स और मूंगफली की बोरियों के बीच छिपाकर रखा गया था। राज्य कर विभाग के सचल दल-3 की प्रभारी आकांक्षा पांडेय के नेतृत्व में जब टीम ने ई-वे बिल की नियमित चेकिंग के लिए सैंया टोल प्लाजा पर बस को रुकवाया, तब यह खेल सामने आया।
शुरुआती दौर में बस से करीब पांच क्विंटल (500 किलो) चांदी पकड़े जाने की चर्चाएं तेज थीं, लेकिन जब सघन तलाशी ली गई तो उसमें ऑटो पार्ट्स और मूंगफली जैसे अन्य उत्पाद भी शामिल निकले। पड़ताल के दौरान अधिकारियों के हाथ कुछ संदिग्ध बिल भी लगे हैं, जो गुजरात के राजकोट के बताए जा रहे हैं। मौके पर मौजूद कूरियर कंपनी के कर्मी से हुई कड़ी पूछताछ में यह बात साफ हुई कि यह चांदी पहले राजकोट से बस के जरिये इंदौर पहुंचाई गई थी और फिर वहां से आगरा के सराफा कारोबारियों के लिए कूरियर बुकिंग के माध्यम से राधिका ट्रैवल्स की बस में लादकर लाई जा रही थी।
एडिशनल कमिश्नर (ग्रेड-1) पंकज गांधी ने बताया कि फिलहाल पूरे प्रकरण की विस्तृत और बारीकी से जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवकाश की वजह से अंतिम जांच के बाद ही यह तस्वीर पूरी तरह साफ हो पाएगी कि वास्तव में कितना माल वैध बिल पर था और कितना बिना दस्तावेजों के। इसके अलावा पकड़ी गई चांदी में से कुछ माल टंच (शुद्धता जांच) कराया हुआ भी मिला है, जिसे लैब टेस्ट के बाद स्पष्ट कर उसी आधार पर पेनल्टी, कर चोरी और कड़े जुर्माने की वैधानिक कार्रवाई तय की जाएगी।
बसों में हो रही अवैध ढुलाई
राज्य कर विभाग लगातार टैक्स चोरी कर आगरा में लाए जा रहे माल को पकड़ने में जुटा है। पिछले छह महीने में दो दर्जन से ज्यादा मामले ऐसे सामने आए जिनमें ट्रक की बजाय बसों के जरिये माल को एक से दूसरे स्थान पर भेजा जा रहा था। कुछ समय पहले स्लीपर बस में सवारियों की बजाय कई क्विंटल प्रतिबंधित पॉलीथीन के बोरे बर्थ में रखे मिले थे। सैकड़ों की संख्या में बसों में रोज सवारियों के साथ धड़ल्ले से माल ढुलाई हो रही है, लेकिन परिवहन विभाग आंखें मूंदे है।
आरटीओ को लिखेंगे पत्र
एडिशनल कमिश्नर ग्रेड 1 ने कहा कि बस के जरिये हो रहे माल के इस अवैध परिवहन पर नकेल कसने के लिए आरटीओ से पत्राचार किया जाएगा। प्रयास किया जाएगा कि परिवहन विभाग भी रात के समय टीमें तैनात करे ताकि अवैध परिवहन पर कार्रवाई कर उससे होने वाले सरकारी राजस्व के नुकसान को कम किया जा सके।