आगरा में शीतगृह स्वामी के बेटे की अगवा कर हत्या कर दी गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि शीतगृह स्वामी के बेटे सचिन को अगवा करने के बाद आरोपी दो करोड़ रुपए की फिरौती वसूलना चाहते थे। इसके लिए पूरी योजना तैयार कर ली थी। हत्या के बाद भी रुपये वसूलने की सोच रहे थे। घटना वाले दिन सचिन का मोबाइल कुछ देर बाद ही बंद हो गया था। मां अनीता के पास रात 12:00 बजे बेटे के नंबर से कॉल आया था, लेकिन वह रिसीव नहीं कर पाई थी।
बाद में उन्हें मिस्ड कॉल का पता चला तो कॉल किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ। पुलिस ने मोबाइल की लोकेशन पता की तो पहले इटावा की, बाद में कानपुर की आने लगी। मोबाइल स्विच ऑफ होने के कारण आगे की लोकेशन नहीं आ सकी। पुलिस की एक टीम मोबाइल की तलाश में लगी है। पिता सुरेश का कहना है कि बेटे की हत्या में एक उनके परिचित कारोबारी की बेटे का हाथ है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
पिता ने कहा, बेटे की हत्या के लिए साजिश रची गई
पिता सुरेश चौहान का कहना है कि बेटे की हत्या के लिए पूरी साजिश रची गई है। इसमें एक कारोबारी का बेटा भी शामिल है। वह अक्सर सचिन से आकर मिलता था। उसके साथ ही जाता था। वह पुलिस के मूवमेंट की भी जानकारी दे रहा था। आरोपी उनसे फिरौती वसूलना चाहते थे।
अंतिम संस्कार पीपीई किट में किया
पुलिस सूत्रों ने बताया कि हत्या के बाद अंतिम संस्कार बल्केश्वर घाट पर किया गया था। आरोपी सचिन के शव को पीपीई किट में लेकर गए थे, जिससे लगे कि किसी कोरोना मरीज की मौत हो गई है। पुलिस आरोपियों से हत्याकांड से जुड़ी कड़ी से कड़ी जोड़ने में लगी है।
ये थी पूरी घटना
बता दें कि थाना न्यू आगरा के दयालबाग से शीत गृह स्वामी सुरेश चौहान का इकलौता बेटा सचिन (25) की अगवा करने के बाद हत्या कर दी गई। रविवार रात को पुलिस को सुराग मिले थे। उसके बाद पांच युवकों को पकड़ लिया गया। इनमें एक बड़े कारोबारी का बेटा भी शामिल है। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। पुलिस जल्द इस हत्या का खुलासा कर सकती है।
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