मतदेय स्थलों को बांटने और नई सूची तैयार करने के लिए शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी ने बैठक की। इसमें सभी दलों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। बताया गया कि भारत निर्वाचन आयोग ने एक बूथ पर 1200 मतदाता रखने का मानक तय किया है। ऐसे में करीब 241 बूथ बढ़ सकते हैं।
जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने बैठक की अध्यक्षता की। बताया गया कि सत्यापन के पश्चात प्रस्तावित मतदेय स्थलों की संख्या 3696 है। इनमें मानक को आधार बनाने पर 241 नए स्थलों की बढ़ोतरी प्रस्तावित है। सभी प्राप्त सुझावों व आपत्तियों को दर्ज कर निस्तारित किया जाएगा।
बैठक में बताया गया कि 29 अक्तूबर से 4 नवंबर तक चले मतदेय स्थलों के भौतिक सत्यापन और भवनों को चिह्नित करने का काम पूरा कर लिया गया है। 10 नवंबर को मतदेय स्थलों की आलेख्य सूची प्रकाशित कर राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जाएगी। 18 नवंबर को सांसदों, विधायकों और दलों से प्राप्त आपत्तियों के निस्तारण के बाद सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। 19 से 21 नवंबर तक अंतिम प्रस्ताव मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को भेजा जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक मतदेय स्थल का भौतिक सत्यापन अनिवार्य है। जिन मतदेय स्थलों की दूरी गांव या बस्ती से अधिक है, उन्हें निकट के सुविधाजनक भवनों में स्थानांतरित किया जाए। इनकी दूरी 2 किलोमीटर से अधिक न हो। दिव्यांगजन की सुविधा के लिए सभी स्थलों पर रैंप उपलब्ध कराना जरूरी है। किसी भी राजनीतिक दल या संगठन के कार्यालय से 200 मीटर के भीतर मतदेय स्थल नहीं बनाया जाएगा।