मैनपुरी। मैनपुरी बार एसोसिएशन के वार्षिक चुनाव के लिए बृहस्पतिवार को प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी कर दी गई है। सात पदों के लिए 23 दावेदार चुनाव मैदान में है। सचिव पद के लिए सबसे ज्यादा छह प्रत्याशी मैदान में हैं। कनिष्ठ उपाध्यक्ष और सह सचिव के लिए आमने सामने का मुकाबला होगा। बार एसोसिएशन के वार्षिक चुनाव के लिए 22 दिसंबर को मतदान होगा।
मैनपुरी बार एसोसिएशन के वार्षिक चुनाव के लिए चुनाव अधिकारी एएच हाशमी, जगपाल सिंह यादव, वरिष्ठ समिति के सदस्य सत्यप्रकाश तिवारी, दर्शन लाल राठौर, वीरबहादुर सिंह यादव ने प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी की है। अध्यक्ष पद के लिए सौरभ यादव, राजीश कुमार यादव, राजेंद्र सिंह यादव, सचिव पद पर संतोष यादव राजू, ब्रजेंद्र सिंह यादव, रोहित यादव, पवन मिश्रा, आनंद कुमार, दीपेश कुमार श्रीवास्तव, महिला उपाध्यक्ष के लिए नाजिया बेगम, रुबी यादव, रानी देवी, संजना चौहान के बीच चुनाव होगा।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष के लिए विनीत कुमार निगम, शिवकुमार यादव, धर्मेंद्र कुमार मैदान में हैं। कनिष्ठ उपाध्यक्ष के लिए प्रबल कुमार, गजेंद्र सिंह चुनाव मैदान में हैं। सह सचिव के लिए ब्रजेंद्र यादव, रामानंद शर्मा, सह सचिव पुस्तकालय के लिए अतुल कुमार, सारूप अली, शिवकुमार भारतीय मैदान में हैं।
मैनपुरी बार एसोसिएशन के वार्षिक चुनाव में नामांकन निरस्त किए जाने से चार आवेदकों में आक्रोश है। नामांकन निरस्त करने के खिलाफ दिए गए प्रार्थनापत्र को भी चुनाव समिति ने निरस्त कर दिया है। आवेदकों ने चुनाव समिति से जरूरी अभिलेख मांगने के लिए प्रार्थनापत्र दिया है। चुनाव समिति के निर्णय को आवेदक चुनौती देंगे।
बुधवार को नामांकन पत्रों की जांच के दौरान अध्यक्ष पद पर मानवेंद्र सिंह चौहान, महिला उपाध्यक्ष पद पर शानू कठेरिया, कोषाध्यक्ष पद पर महेंद्र प्रताप सिंह यादव, धर्मेंद्र सिंह चौहान के नामांकन चुनाव समिति ने निरस्त कर दिए थे। बृहस्पतिवार को चारों आवेदकों ने निरस्तीकरण की कार्रवाई को चुनौती देते हुए चुनाव समिति को एक प्रार्थनापत्र चुनाव समिति को दिया। चुनाव समिति ने प्रार्थनापत्र को निरस्त कर दिया। चारों आवेदकों ने अब चुनाव समिति से नामांकन पत्र, आपत्ति प्रार्थनापत्र दिनांक 14 और 15 दिसंबर, आपत्ति प्रार्थनापत्र को निरस्त करने के आदेश की प्रमाणित प्रति मांगी है। महिला उपाध्यक्ष पद की आवेदक शानू कठेरिया का कहना है कि चुनाव समिति के निर्णय को उच्च फोरम/न्यायालय में चुनौती दी जाएगी। चुनाव समिति ने मनमाने तरीके से निर्णय लिया है। चुनाव अधिकारी एएच हाशमी का कहना है कि तय शर्तें पूरी नहीं होने वाले आवेदन ही निरस्त किए गए हैं। मनमानी का आरोप पूरी तरह निराधार है।