पटियाली। विकास खंड गंजडुंडवारा क्षेत्र के गांव म्याऊ में सोमवार शाम एक झोपड़ी में लगी भीषण आग ने एक परिवार के पक्के मकान के सपने को जला दिया। झोपड़ी मालिक अनोखेलाल वाल्मीकि ने बताया कि उन्होंने अपने सभी पशु बेचकर और कर्ज लेकर सवा दो लाख रुपये जोड़े थे, जिसे वह नए मकान के निर्माण में लगाने वाले थे, लेकिन दुर्भाग्यवश वह नकदी और गृहस्थी का सारा सामान आग की भेंट चढ़ गया।
अनोखेलाल वाल्मीकि की झोपड़ी में सोमवार शाम अज्ञात कारणों से आग लग गई। परिवार के सदस्य कुछ समझ पाते, उससे पहले ही आग ने विकराल रूप ले लिया। सभी लोग अपनी जान बचाकर झोपड़ी से बाहर भागे, लेकिन अनोखेलाल की पत्नी लोंगश्री, जिनका पैर टूटा था, अंदर फंसी रह गईं। उनकी चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग की लपटों के बीच से लोंगश्री को सुरक्षित बाहर निकाला। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक नकदी, जेवर, गेहूं, सरसों, कपड़े, बिस्तर, चारपाई और कृषि यंत्र सहित सब कुछ जल चुका था।
अनोखेलाल ने बताया कि उन्होंने अपनी झोपड़ी की जगह पक्का मकान बनवाने का सपना देखा था। इस सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने अपने सभी पशु बेच दिए थे, जिससे उन्हें लगभग डेढ़ लाख रुपये मिले थे। इसके अतिरिक्त, उन्होंने लोगों से 75 हजार रुपये उधार भी लिए थे। यह कुल सवा दो लाख रुपये की नकदी उन्होंने पक्का मकान बनवाने के लिए सुरक्षित रखी थी, जो दुर्भाग्यवश इस अग्निकांड में पूरी तरह जल गई। इस घटना ने उनके पक्के मकान के सपने को चकनाचूर कर दिया है।
पूर्व प्रधान अरशद खान ने अग्निकांड की सूचना उपजिलाधिकारी प्रदीप कुमार विमल को दी। एसडीएम के निर्देश पर क्षेत्रीय लेखपाल किरन लता ने मौके पर पहुंचकर क्षति का आकलन किया। उपजिलाधिकारी प्रदीप कुमार विमल ने अग्नि पीड़ित परिवार को नियमानुसार हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। पीड़ित अनोखेलाल ने जिला प्रशासन से इस मुश्किल घड़ी में तत्काल मदद की गुहार लगाई है।