मैनपुरी। निलंबित डीपीआरओ ने अपने निलंबन के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। इसमें उन्होंने निलंबन को गलत ठहराते हुए बहाली की मांग की है। याचिका स्वीकार करने से पहले उच्च न्यायालय ने जिला प्रशासन से जवाब मांगा है। अनियमितताओं के आरोप में तत्कालीन डीपीआरओ यतेंद्र सिंह को एक मार्च को निलंबित कर दिया था। खुद सहायक निदेशक पंचायती राज ने मैनपुरी पहुंचकर उन्हें आदेश तामील कराया था। इसी मामले में निलंबित डीपीआरओ यतेंद्र सिंह ने उच्च न्यायालय में निलंबन को गलत बताते हुए एक याचिका दायर की है।
इसमें उन्होंने मुख्य सचिव पंचायती राज विभाग, निदेशक पंचायती राज विभाग, जिलाधिकारी मैनपुरी, मुख्य विकास अधिकारी मैनपुरी और जिले के एक पूर्व विधायक को प्रतिवादी बनाया है। यतेंद्र सिंह ने निलंबन आदेश को गलत बताते हुए मैनपुरी में दोबारा डीपीआरओ के पद पर बहाली की मांग की है। इस पर उच्च न्यायालय ने याचिका पर सुनवाई से पहले जिला प्रशासन से जवाब मांगा था। इस पर जिला प्रशासन ने जवाब भी मुहैया करा दिया है, लेकिन ये पूरा मामला इतना बढ़ गया है कि अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक सभी के बीच इसकी चर्चा है। कहीं न कहीं इससे पंचायत राज विभाग के कामकाज पर भी असर पड़ रहा है।