मथुरा। महावन के रमणरेती आश्रम में चल रहे श्रीगोपाल जयंती महोत्सव के दूसरे दिन संत सम्मेलन का आयोजन हुआ। इसमें जूना अखाड़ा पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद महाराज ने कहा कि ब्रज भूमि ब्रह्मांड में सर्वश्रेष्ठ है।
ब्रज के कण कण में राधा कृष्ण का वास है। इस मौके पर योगगुरु बाबा रामदेव ने कहा कि महापुरुषों की संगत से मोक्ष का द्वार मिलता है। मंच से योगगुरु ने आर्थिक नीतियों पर कहा कि अगर हम स्वदेशी वस्तुओं का प्रयोग करें तो यह देश की आर्थिक स्थिति में सुधार का साधन होगा। देश शक्तिशाली और समृद्ध होगा।
कार्यक्रम में स्वामी गोविंददेवगिरि महाराज ने कहा कि हम अपने ठाकुर को जिस रूप में पाना चाहते हैं वह उसी रूप में प्रकट हो जाते हैं। कथा प्रवक्ता रमेश भाई ओझा ने कहा कि मानव जीवन की सच्ची उपलब्धि तभी है जब ठाकुर के श्री चरण में नित्य स्नेह लगा रहे।
कार्ष्णि गुरु शरणानन्द जी महाराज से श्रद्धालुओं ने आशीर्वाद भी लिया। इस अवसर पर स्वामी ज्ञानानंद महाराज, मलूक पीठाधीश्वर स्वामी राजेन्द्रदास महाराज, पुण्यानंद महाराज, स्वामी स्वरूपानंद महाराज, स्वामी महेशानंद महाराज, कृष्ण चंद्र शास्त्री, कार्ष्णि संत नागेंद्रदत्त गौड़, स्वामी सुभेदानंद उपस्थित रहे।
60 बच्चों का हुआ यज्ञोपवीत संस्कार
मथुरा। श्री गोपाल जयंती समारोह में 60 विप्र बटुकों का यज्ञोपवीत संस्कार हुआ। बटुक वेश धारण किये विद्यार्थी रमणरेती स्थित गुरुकुल के साथ आश्रम से जुड़े परिवारों के सदस्य भी थे। यज्ञोपवीत के बाद इन बटुकों ने शरणानंद महाराज से भिक्षा-दीक्षा प्राप्त की।