मथुरा। सैनिकों को लेकर जाने वाली ट्रेन की जानकारियां गोपनीय रखी जाएंगी। ट्रेन की लोकेशन को लेकर घोषणा भी नहीं होगी। इतना ही नहीं ट्रेन के डिब्बों पर जो आर्मी ट्रेन लिखा जाता है अब वह भी नहीं लिखा जाएगा। गृह विभाग ने इस संबंध में रेलवे मुख्यालय को पत्र लिखा था। इस संबंध में मुख्यालय का आदेश मथुरा जंक्शन समेत सभी बड़े स्टेशनों पर पहुंच गया है।
सेना की रेजीमेंट, यूनिट और बटालियन ट्रेन द्वारा ही एक स्थान से दूसरे स्थान के लिए शिफ्ट होती है। सैनिकों के साथ ही पूरा साजो सामान ट्रेन में रहता है। पूरी ट्रेन ही सेना के लिए बुक कराई जाती है। यूं तो इस ट्रेन की सुरक्षा रहती ही है लेकिन पुलवामा हमले के बाद सतर्कता और बढ़ा दी गई है। गृह विभाग ने रेलवे मुख्यालय को पत्र लिखकर कहा था कि आर्मी ट्रेन की जानकारियां गोपनीय रखी जाएं। ट्रेन की लोकेशन भी प्रचारित न की जाए। कम से कम स्टापेज रखे जाएं।
गृह विभाग ने कहा था कि जिस ट्रेन से सैनिकों की रेजीमेंट शिफ्ट हो रही होती है उस पर आर्मी ट्रेन लिख दिया जाता है। इससे भी पहचान उजागर हो जाती है। लिहाजा इस तरह से पहचान भी उजागर न की जाए। रेलवे मुख्यालय ने भी सभी बड़े स्टेशनों को इस संबंध में पत्र जारी कर दिया है।